फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sant Baba Ram Singh shot himself during Kisan Andolan at Singhu border

ठंड में नहीं देखा जाता किसानों का दर्द... कोई पदक लौटा रहा कोई अवार्ड, मैं अपना बलिदान दे रहा हूं

Wed, 16 Dec 2020 06:48 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 16 Dec 2020 06:48 PM IST
सार

  • सुसाइड नोट में लिखा किसानों का दर्द नहीं देखा जाता, ठंड में अपने हक के लिए सड़कों पर परेशान हो रहे किसान
  • नानकसर सिंगरा गुरुद्वारा में थे बाबा राम सिंह, कुंडली में कनपटी के पास गोली मारी, निजी अस्पताल में मृत घोषित

विज्ञापन
Sant Baba Ram Singh shot himself during Kisan Andolan at Singhu border
बाबा राम सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरनास्थल पर नानकसर सिंगरा गुरुद्वारा के संत बाबा राम सिंह ने कनपटी के पास गोली मारकर जान दे दी। उन्होंने नोट में लिखा है कि अपनी मांगों को लेकर परेशान किसान सड़क पर हैं। सर्दी में किसानों का दर्द देखा नहीं जा रहा। इसलिए वह रोष स्वरूप अपनी जान दे रहे हैं। मामले की सूचना के बाद कुंडली थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन


करनाल के नानकसर सिंगरा गुरुद्वारे के संत बाबा राम सिंह (65) ने बुधवार को कुंडली धरनास्थल के पास पिस्तौल से कनपटी पर गोली मार ली। उनके परिचित अमरजीत सिंह ने बताया कि शाम को उन्होंने खुद को गोली मार ली। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत पानीपत के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निजी अस्पताल से पार्थिव शरीर कब्जे में लेकर करनाल सामान्य अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले का पता लग सकेगा।
विज्ञापन



स्वयं का बलिदान देने की बात कहकर मारी गोली
आसपास के लोगों ने बताया कि धरनास्थल पर कई किसान मौजूद थे। इसी दौरान संत बाबा राम सिंह ने आंदोलन में बलिदान देने की बातें करते हुए अन्य किसानों को स्टेज पर भेज दिया। उसके बाद अपने वाहन में जाकर खुद को गोली मार ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाबी में लिखा सुसाइड नोट : जुल्म करना पाप है, जुल्म सहना उससे भी बड़ा पाप
संत बाबा राम सिंह के पास मिले नोट में लिखा गया है कि कुंडली बॉर्डर पर किसानों का दुख देखा, अपना हक लेने के लिए सड़कों पर परेशान हो रहे हैं। बहुत दिल दुखा है। सरकार न्याय नहीं दे रही। जुल्म है, जुल्म करना पाप है जुल्म सहना उससे भी बड़ा पाप। किसी ने किसानों के हक में और जुल्म के खिलाफ कुछ किया और किसी ने कुछ किया। किसी ने अपने सम्मान वापस किए, मतलब अवार्ड, पुरस्कार वापस कर रोष जताया। दास किसानों के हक में सरकारी जुल्म के रोष में आत्मदाह मतलब सुसाइड कर रहा हूं। ये जुल्म के खिलाफ आवाज है तथा कामगार किसान के हक में आवाज है।

वाहेगुरु जी का खालसा
वाहेगुरु जी की फतेह।

धरनास्थल पर किसान के गोली मारकर आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। इसकी जांच की जा रही है। पुलिस टीम को पानीपत भेजा गया है। - जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed