31 दिनों से धरना दे रहे किसान की मौत, मांगें नहीं हुई पूरी तो बाधित कर सकते हैं रेल ट्रैक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएच-152 डी के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन की मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए चार जुलाई से ढाणी फौगाट के समीप चल रहे धरने पर शनिवार सुबह किसान रामअवतार की मौत हो गई।
धरना संयोजक समिति का कहना है कि जमीन का कम मुआवजा तय होने से रामअवतार तनाव में था। वहीं, परिजनों और समिति ने सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
इनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक किसान का दाह संस्कार नहीं किया जाएगा। देर शाम तक मांगों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर किसानों ने रविवार को कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। सुबह तक मांगें पूरी न होने पर रेलवे ट्रैक भी जाम कर सकते हैं।
बता दें कि नारनौल के गंगहेडी से लेकर कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद तक एनएच-152 डी का निर्माण होना है। इसके लिए चरखी दादरी जिले के 17 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है।
किसान जमीन की मुआवजा राशि में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। इसके लिए 26 फरवरी से धरना दे रहे हैं। करीब एक माह पहले जिला प्रशासन ने संशोधित रेट तय किए थे।
इनमें ढाणी फौगाट और कपूरी गांव की मुआवजा राशि पहले से कम हो गई। वहीं, संशोधन रेट में 15 गांवों की मुआवजा राशि दोगुना हो गई थी। ढाणी फौगाट निवासी किसान राम अवतार (55) की करीब दो एकड़ जमीन भी अधिग्रहीत की जानी थी।
इसी वजह से वह तनाव में था और एक माह से धरने में रोज शामिल हो रहा था। किसान रामअवतार की मौत होने की सूचना पाकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियां, किसान संगठन, सांगवान व फौगाट खाप के पदाधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे।
रामअवतार की अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई
किसान नेता अनूप फौगाट, विनोद मौड़ी, रामनगर सरपंच राजीव यादव, ढाणी फौगाट सरपंच मनदीप फौगाट ने बताया कि रामअवतार जमीन की कम मुआवजा राशि मिलने से तनाव में था। इसी के चलते उसकी मौत हुई है। धरनास्थल पर दोपहर करीब एक बजे पहुंचे एसडीएम संदीप अग्रवाल के सामने किसान नेताओं ने दो मांगें रखीं।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर रविवार सुबह दस बजे तक मांगें नहीं मानी गईं तो कड़ा कदम उठा सकते हैं। वहीं, किसानों ने रामअवतार की मौत के साढ़े छह घंटे बाद एसडीएम के मौके पर पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। देर शाम तक किसान का शव धरनास्थल पर ही रखा था।
एनएच मामले में दो किसान पहले कर चुके हैं आत्महत्या
किसान नेता विनोद मौड़ी व अनूप फौगाट ने बताया कि उचित मुआवजा राशि न मिलने पर जिले के गांव खातीवास निवासी किसान जगदीश करीब दो माह पहले आत्महत्या कर चुका है।
कम मुआवजा राशि मिलने से अब ढाणी फौगाट निवासी किसान रामअवतार की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि जींद के जुलाना निवासी एक किसान ने एनएच के लिए चिन्ह्ति भूमि पर आत्महत्या कर ली थी। अब तक जींद और चरखी दादरी के तीन किसानों की मौत हो चुकी है।
मैंने किसानों को उनकी मांगें उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। किसानों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा और मृतक के एक बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। - संदीप अग्रवाल, एसडीएम