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आंदोलन कर रहे किसान की हार्ट अटैक से मौत, अब तक छह अन्नदाताओं ने गंवाई जान

Thu, 03 Dec 2020 07:33 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 03 Dec 2020 07:33 PM IST
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Farmer died due to heart attack during Kisan Andolan
किसान लखवीर सिंह का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले दिल्ली के टिकरी बार्डर पर धरने में शामिल किसान लखवीर सिंह (55) की दिल का दौरा पड़ने से बुधवार देर रात मौत हो गई। मृतक किसान पंजाब के बठिंडा जिले के गांव लेलेआना का रहने वाला था। आंदोलन के बीच बहादुरगढ़ में दिल्ली सीमा पर अब तक चार किसान जान गंवा चुके हैं। 

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तीन किसानों के शव रोहतक स्थित पीजीआई में रखे हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेता बिंदर सिंह ने फोन पर बताया कि किसान लखवीर सिंह अपने साथी किसानों के साथ दिल्ली के टिकरी बार्डर पर केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे धरने में डटे थे। उन्होंने बताया कि बुधवार को देर रात अचानक किसान लखवीर सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। 
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किसान नेता ने मृतक किसान को शहीद करार देते हुए कहा कि उनके शव को भी पीजीआई रोहतक में रखा गया है। किसान नेता ने सरकार से मांग की है कि इस संघर्ष में जान गंवाने वाले तीनों किसानों के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। मृतक किसान के पास पांच एकड़ जमीन है, जिस पर उनका बेटा खेती करता है। किसान नेता ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती और मांगें नहीं मान लेती तब तक किसान दिल्ली में डटे रहेंगे।

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बहादुरगढ़ में अब तक चार किसानों की मौत

बुधवार को दिल्ली सीमा पर चल रहे किसानों के आंदोलन में पंजाब के एक और किसान की मौत हो गई थी। अचानक तबीयत बिगड़ने से 55 वर्षीय किसान नेता गुरजंट सिंह पुत्र राम सिंह का निधन हुआ था। वह पंजाब के मानसा जिले के बछोआना के रहने वाले थे। वह भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां से जुड़े थे। गुरजंट सिंह किसान आंदोलनों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे और अपने गांव के किसान नेता भी थे। बता दें कि बहादुरगढ़ में अब तक आंदोलन के दौरान चार किसानों की मौत हो चुकी है।

तबीयत बिगड़ने से हो चुकी किसान की मौत
28 नवंबर की रात बहादुरगढ़ बाईपास पर पंजाब के बरनाला जिले के गांव धनवाला मंडी निवासी जनकराज की कार में आग लगने से झुलसने से मौत हो गई थी। जबकि पंजाब के भगवानपुरा निवासी किसान गज्जन सिंह की 29 नवंबर की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। चिकित्सकों के अनुसार उसकी मौत हृदयघात होने से हुई थी। 

हादसे में किसान ने गंवाई थी जान
दिल्ली में कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन से पंजाब लौट रहे किसान की कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। यह हादसा गांव खानपुर कोलियां के समीप हुआ था। वहीं बाइक सवार दूसरा किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक की पहचान गांव झमट थाना पायल, जिला लुधियाना(पंजाब) निवासी 32 वर्षीय बलजिंद्र सिंह के रूप में हुई थी। हादसा अज्ञात वाहन के पीछे से टक्कर मारने की वजह से हुआ था। 

भिवानी में भी एक किसान की जा चुकी जान
भिवानी में किसान आंदोलन के दौरान नाक तोड़ निकलने के दौरान एक ट्रक ने किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी दी। जिसमें एक किसान की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। 

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