कृषि अध्यादेशों पर बवाल: हरसिमरत के बाद पंजाब में अब कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा
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कृषि अध्यादेशों को लेकर पंजाब में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। पहले केंद्र सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अपना इस्तीफा दिया, अब पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की जानकारी कुलजीत सिंह ने ट्वीट कर दी।
उन्होंने लिखा कि - ''भाजपा-अकाली सरकार द्वारा किसान विधेयक पारित किए जाने से गहरा दुख हुआ। मैं किसानों के समर्थन में विधायक फतेहगढ़ साहिब के रूप में अपना इस्तीफा देता हूं। मैंने अपना इस्तीफा पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है।''
कुलजीत ने आगे लिखा- ''मैं भी किसान परिवार से ताल्लुक रखता हूं, इसलिए मैं इस काले कानून को पारित करने के बाद किसानों का दर्द जानता हूं। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में मेरी चेतना मुझे इस कृषि विधेयक का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं देती है। मैं हमेशा अपने किसान भाइयों के साथ इस विधेयक के खिलाफ खड़ा हूं।''
Deeply saddened by the passing of farmer Bill by the BJP-Akali Govt. I hereby tender my resignation as MLA Fatehgarh Sahib in support of farmer's cause. @PunjabGovtIndia @capt_amarinder @CMOPb @ANI @abpsanjha @News18Punjab @ZeePunjabHH @BabushahiCom @sunilkjakhar @RanakpINC
— Kuljit Nagra (@kuljitnagra1) September 17, 2020
I have sent my resignation to hon'ble Vidhansabha Speaker @RanakpINC ji. pic.twitter.com/Jqp2l7OIgg
— Kuljit Nagra (@kuljitnagra1) September 17, 2020
विधायक नागरा के इस्तीफे पर विचार करूंगा: स्पीकर
विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह ने शुक्रवार को बताया कि फहेतगढ़ साहिब के विधायक कुलतार सिंह नागरा का इस्तीफा उन्हें मिल गया है। इस्तीफे पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विधेयक पर केंद्र सरकार को अपनी जिद छोड़कर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वार्तालाप का रास्ता अपनाए और इसके लिए राज्य सरकारों ओर किसान जत्थेबंदियों से बात कर हल निकाले।
किसान मेले के जिला स्तरीय समागम के मुख्य मेहमान राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार सदा ही किसानों के हितों की चौकीदारी करती रही है। केंद्र सरकार के अध्यादेशों के कारण पूरे देश के किसानों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र के इस किसान विरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करती है।