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धोखाधड़ी में मशहूर केमिस्ट कुमार ब्रदर्स गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 01 May 2015 09:33 AM IST
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सेक्टर-11 की मशहूर केमिस्ट शॉप कुमार ब्रदर्स द्वारा किए गए फर्जीवाडे़ में वीरवार को पुलिस ने आरोपी विनोद और प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को थाने से जमानत दे दी। वहीं, तीसरे आरोपी अश्विनी को पुलिस करीब 15 दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसे जमानत मिल गई थी।
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दरअसल, सरकारी शोरूम का प्लाट हड़पने की जालसाजी कोर्ट में बेनकाब होने के बाद डीसी के आदेश पर सेक्टर-11 थाना पुलिस ने तीनों भाइयों विनोद कुमार, प्रमोद कुमार और अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाने व एक साथ मिलकर साजिश रचने का केस दर्ज किया था।
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कुमार ब्रदर्स ने 2012 में एक याचिका दायर कर कहा था कि उनके पिता रामेश्वर दास ने मरने से पहले अनरजिस्टर्ड विल में सेक्टर-11 मार्केट के एससीओ नंबर-25 का प्लाट उनके नाम कर दिया था। उन्होंने एसडीओ (बिल्डिंग) की तरफ से जारी एक कागज भी पेश किया था। सिविल जज परवेश सिंगला ने उनकी याचिका पर 10 दिसंबर 2012 को उनके पक्ष में आदेश दिए थे। इसके खिलाफ प्रशासन ने एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में कहा कि प्लाट कभी किसी को अलाट ही नहीं हुआ, तो वे कैसे कुमार ब्रदर्स के पिता की विल के आधार पर उन्हें दे दें।
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जिरह के बाद जज रूपम सिंह ने 27 फरवरी को कुमार ब्रदर्स के क्लेम को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह साबित हो रहा है कि कभी भी शोरूम के प्लॉट की अलॉटमेंट कुमार ब्रदर्स के नाम पर हुई ही नहीं है। इसके बाद डीसी मोहम्मद शाइन ने एईओ उपकार सिंह को मामले की जांच के आदेश दिए।
उपकार सिंह ने जांच में पाया कि कोर्ट में बिल्डिंग ब्रांच का जो कागज कुमार ब्रदर्स ने दिखाया था, वह फर्जी था। बिल्डिंग ब्रांच से ऐसा कागज जारी ही नहीं हुआ है। उन्होंने डीसी को अपनी रिपोर्ट दी और उनके आदेश के बाद उपकार सिंह ने खुद शिकायतकर्ता बनकर कुमार ब्रदर्स पर एफआईआर दर्ज करवाई।