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नाम में विजिलेंस चीफ, काम में ठग, देखिए फर्जी छापे का ऐसा खेल जो कर देगा हैरान
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Sat, 01 Apr 2017 11:31 PM IST
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विजिलेंस का फर्जी चीफ
- फोटो : अमर उजाला
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आपने आज तक फर्जी डॉक्टर, फर्जी पुलिस के किस्से कई बार सुने होंगे। लेकिन पहली बार आप ऐसी फर्जी छापेमारी की घटना के बारे में सुनेंगे जिसने सबको सकते में डाल दिया। मामला हरियाणा के जींद का है, जहां शहर के रोहतक रोड पर ट्रक बॉडी मेकर के प्रतिष्ठान पर छापामारी करने वाले फर्जी विजिलेंस चीफ को पुलिस ने काबू किया है। आरोपी ने खुद को विजिलेंस चीफ बता व्यापारी को नोटिस थमाकर जांच करने की बात कही। बाद में एक लाख रुपये की डिमांड की।
लेकिन व्यापारी ने डीआरआई दिल्ली में फोन पर बात की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। व्यापारियों ने मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। शहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। रोहतक रोड बाईपास निवासी रसूल ट्रक बॉडी मेकर का कारोबार करता है। शाम को एक युवक आया और उसने अपना नाम कैप्टन प्रतीक गुप्ता बताया।
साथ ही डीआरआई हिसार में विजिलेंस चीफ के तौर पर अपनी पहचान बताई। आते ही उसने रसूल को एक नोटिस थमा दिया और कहा कि उनके यहां पर छापामारी की जानी है, इसलिए अब कोई भी फोन पर बात नहीं करेगा। इस दौरान उसने कहा कि इसके लिए वह अपने वकील से बात करवाए। बाद में उसने मामले को यहीं पर निपटाने के लिए एक लाख रुपये की डिमांड की।
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लेकिन व्यापारी ने डीआरआई दिल्ली में फोन पर बात की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। व्यापारियों ने मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। शहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। रोहतक रोड बाईपास निवासी रसूल ट्रक बॉडी मेकर का कारोबार करता है। शाम को एक युवक आया और उसने अपना नाम कैप्टन प्रतीक गुप्ता बताया।
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साथ ही डीआरआई हिसार में विजिलेंस चीफ के तौर पर अपनी पहचान बताई। आते ही उसने रसूल को एक नोटिस थमा दिया और कहा कि उनके यहां पर छापामारी की जानी है, इसलिए अब कोई भी फोन पर बात नहीं करेगा। इस दौरान उसने कहा कि इसके लिए वह अपने वकील से बात करवाए। बाद में उसने मामले को यहीं पर निपटाने के लिए एक लाख रुपये की डिमांड की।
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दो घंटे तक चला फर्जी छापे का खेल
विजिलेंस का फर्जी चीफ
- फोटो : file photo
व्यापारी ने मौके पर एक लाख रुपये देने में असमर्थता जताई और एक-दो दिन में पैसे देने की बात कही। इसके बाद छापामारी करने वाले कैप्टन प्रतीक गुप्ता के बारे में दिल्ली के डीआरआई कार्यालय में संपर्क किया। वहां से पता चला कि यह उनका चीफ नहीं है और यह फर्जी व्यक्ति है। अगले दिन जब प्रतीक गुप्ता पैसे लेने वहां पहुंचा तो व्यापारी ने उसे दबोच लिया और इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने युवक को काबू कर लिया। आरोपी की पहचान शिव चौक निवासी प्रतीक गुप्ता के रूप में हुई।
रसूल ने बताया कि जब 29 मार्च को वह अपने कार्यालय में बैठा हुआ था। इसी दौरान युवक प्रतीक उनके पास आया और विजिलेंस चीफ बताकर नोटिस थमा दिया। इसके बाद उसने उनके कार्यालय की अलमारी में रखे कागजातों को खंगाला, लेकिन रसूल ने पूरे कागजात वकील के पास होने की बात कही। इसके बाद उसने रसूल के वकील से फोन पर बात की और बाद में वकील से मुलाकात की।
युवक ने उनकी फर्म के रिकार्ड के कागजात देखे। इस दौरान रसूल को उस पर शक हो गया और उसके द्वारा दिए गए नोटिस का फोटो कर लिया। बाद में वरिष्ठ वकीलों को नोटिस दिखाया तो उन्होंने इस तरह की कोई कार्रवाई से इंकार किया। इसके बाद दिल्ली व हिसार में इस बारे में संपर्क किया, लेकिन वहां पर कोई पुष्टि नहीं हुई। इससे युवक पर शक गहरा गया। जब 31 मार्च को प्रतीक गुप्ता उसके पास आया तो उसका आई कार्ड दिखाने की बात कही, लेकिन वह आई काउऱ् नहीं दिखा पाया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
कई व्यापारी से ले चुका है पैसे
रसूल ने बताया कि प्रतीक गुप्ता के पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह इस तरह विजिलेंस चीफ बताकर कई व्यापारियों को चूना लगा चुका है। कुछ दिन पहले ही रोहतक रोड पर एक बॉडी मेकर से 80 हजार रुपये लेकर गया था। इसके अलावा बाजार के कई व्यापारियों को नोटिस व भारी भरकम जुर्माना लगने का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ चुका था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
रसूल ने बताया कि जब 29 मार्च को वह अपने कार्यालय में बैठा हुआ था। इसी दौरान युवक प्रतीक उनके पास आया और विजिलेंस चीफ बताकर नोटिस थमा दिया। इसके बाद उसने उनके कार्यालय की अलमारी में रखे कागजातों को खंगाला, लेकिन रसूल ने पूरे कागजात वकील के पास होने की बात कही। इसके बाद उसने रसूल के वकील से फोन पर बात की और बाद में वकील से मुलाकात की।
युवक ने उनकी फर्म के रिकार्ड के कागजात देखे। इस दौरान रसूल को उस पर शक हो गया और उसके द्वारा दिए गए नोटिस का फोटो कर लिया। बाद में वरिष्ठ वकीलों को नोटिस दिखाया तो उन्होंने इस तरह की कोई कार्रवाई से इंकार किया। इसके बाद दिल्ली व हिसार में इस बारे में संपर्क किया, लेकिन वहां पर कोई पुष्टि नहीं हुई। इससे युवक पर शक गहरा गया। जब 31 मार्च को प्रतीक गुप्ता उसके पास आया तो उसका आई कार्ड दिखाने की बात कही, लेकिन वह आई काउऱ् नहीं दिखा पाया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
कई व्यापारी से ले चुका है पैसे
रसूल ने बताया कि प्रतीक गुप्ता के पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह इस तरह विजिलेंस चीफ बताकर कई व्यापारियों को चूना लगा चुका है। कुछ दिन पहले ही रोहतक रोड पर एक बॉडी मेकर से 80 हजार रुपये लेकर गया था। इसके अलावा बाजार के कई व्यापारियों को नोटिस व भारी भरकम जुर्माना लगने का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ चुका था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।