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धोखाधड़ीः पंजाब में हुई धान की फर्जी बिलिंग, खरीद के मुकाबले कम मिलीं नौ हजार बोरियां
Mon, 25 Nov 2019 10:53 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 25 Nov 2019 10:53 AM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब के मुक्तसर में फूड सप्लाई विभाग की टीम की पड़ताल में फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया है। एक मिल से धान की खरीद के मुकाबले नौ हजार बोरियां कम मिली हैं। मुक्तसर की एक मिल में शुक्रवार को की गई अचानक जांच में यह धोखाधड़ी सामने आई है। विभाग को आरके विशाल राइस एंड जनरल मिल्स बरीवाला पर गैरकानूनी व्यापार का शक था।
मिल पर छापामार कर जांच की गई तो सामने आया कि मिल मालिक ने अपने रिकॉर्ड में स्थानीय मंडियों से की गई धान की खरीद को तो दिखाया है, पर वास्तव में उसने ऐसा किया नहीं था। भंडार में नौ हजार बोरियां कम पाई गईं जिन्हें स्थानीय मंडियों से खरीदा दिखाया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार धान की 37.5 किलो की 83303 बोरियां थीं, जो कुल 3123 टन बनती है।
रिकॉर्ड के मुताबिक इसे 23 नवंबर को मिल में रखा गया था। लेकिन मौके पर सिर्फ 2785 टन की 74281 बोरियां ही मिलीं। रिकॉर्ड से 9022 बोरियां कम मिलीं। जांच अधिकारियों को उत्तर प्रदेश और बिहार की खाली बोरियां भी मिली हैं। इससे साफ है कि मिल मालिक ने फर्जी बिलिंग के जरिए धान को अपनी मिल में दिखाया है जो वास्तव में मिल में आया ही नहीं।
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वह अपने धान के अपेक्षित भंडार को अन्य राज्यों से सस्ता धान खरीद कर पूरा कर रहा है। आरोपी के खिलाफ कस्टम मिलिंग पॉलिसी और कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
बाहर के धान की बिक्री रोकने के किए जा रहे प्रयास: आशू
फूड एंड सप्लाई विभाग के मंत्री भारत भूषण आशू ने कहा कि स्थानीय बाजारों में राज्य से बाहर के धान की बिक्री रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
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मिल पर छापामार कर जांच की गई तो सामने आया कि मिल मालिक ने अपने रिकॉर्ड में स्थानीय मंडियों से की गई धान की खरीद को तो दिखाया है, पर वास्तव में उसने ऐसा किया नहीं था। भंडार में नौ हजार बोरियां कम पाई गईं जिन्हें स्थानीय मंडियों से खरीदा दिखाया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार धान की 37.5 किलो की 83303 बोरियां थीं, जो कुल 3123 टन बनती है।
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रिकॉर्ड के मुताबिक इसे 23 नवंबर को मिल में रखा गया था। लेकिन मौके पर सिर्फ 2785 टन की 74281 बोरियां ही मिलीं। रिकॉर्ड से 9022 बोरियां कम मिलीं। जांच अधिकारियों को उत्तर प्रदेश और बिहार की खाली बोरियां भी मिली हैं। इससे साफ है कि मिल मालिक ने फर्जी बिलिंग के जरिए धान को अपनी मिल में दिखाया है जो वास्तव में मिल में आया ही नहीं।
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वह अपने धान के अपेक्षित भंडार को अन्य राज्यों से सस्ता धान खरीद कर पूरा कर रहा है। आरोपी के खिलाफ कस्टम मिलिंग पॉलिसी और कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
बाहर के धान की बिक्री रोकने के किए जा रहे प्रयास: आशू
फूड एंड सप्लाई विभाग के मंत्री भारत भूषण आशू ने कहा कि स्थानीय बाजारों में राज्य से बाहर के धान की बिक्री रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।