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कैसे दूर होगी चंडीगढ़ बीजेपी की गुटबाजी?

Wed, 26 Mar 2014 06:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 26 Mar 2014 06:47 PM IST
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Factionalism in BJP: senior leader active and strict

चुनाव से पहले भाजपा में बढ़ रही आपसी गुटबाजी और अनुशासनहीनता ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को चिंता बढ़ा दी है। चुनाव में महज 15 दिनों का ही समय बचा है। ऐसे में नेताओं के लिए सबसे चुनौती यही है कि कार्यकर्ताओं को किस प्रकार एकजुट किया जाए। इसी मामले को लेकर मंगलवार को पार्टी की बैठक होती रही। सोमवार रात पूर्व पार्षद अनिल दुबे और मंडल अध्यक्ष मुकेश राय के बीच मारपीट हुई थी। झगड़े में चाकू भी चले थे। पार्टी ने मारपीट की वजह आपसी रंजिश बताया।

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कार्यकर्ताओं पर नहीं कोई नियंत्रण

Factionalism in BJP: senior leader active and strict

सूत्रों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण नहीं है। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि मौजूदा अध्यक्ष संजय टंडन भी पार्टी में एकजुटता नहीं ला पाए हैं, जिसका नतीजा ये है कि कार्यकर्ता उनके व अन्य बड़े नेताओं के सामने ही लड़ने पर उतारू हो जाते हैं। पहले भी पार्टी में कई बार ऐसे विवाद पैदा हो चुके हैं। अभी हाल ही में एससी मोर्चा के कार्यकर्ता भी टंडन से उलझ पड़े थे।

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भाजपा कार्यालय में 30 जनवरी को भी चले थे लात-घूंसे

Factionalism in BJP: senior leader active and strict

इसी साल 30 जनवरी को भी कुछ ऐसा ही हुआ था। पंजाब प्रदेश भाजपा कार्यालय, सेक्टर-37 में खूब लात-घूंसे चले थे। चंडीगढ़ लोकसभा सीट से उचित उम्मीदवार के लिए सुझाव मांगे गए थे। इस दौरान पार्टी के दो नेताओं गुरप्रीत ढिल्लों और नरेंद्र चौधरी में मारपीट हो गई थी। तब भी बैठक में सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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अनुशासनहीनता पर संजय टंडन के जवाब

Factionalism in BJP: senior leader active and strict

सवाल: पार्टी कार्यालय में हुए झगड़े पर आप क्या कार्रवाई करेंगे?
जवाब: दो नेताओं का यह निजी मामला था। हम मामला सुलझाने के लिए उन्हें बैठाकर बातचीत करेंगे।

सवाल:
अगर निजी मामला था तो उन्होंने पार्टी ऑफिस में ही झगड़ा क्यों किया?
जवाब: अब हम किस-किस को समझाएंगे।

सवाल:
पार्टी ऑफिस में पहले भी ऐसे झगड़े हुए हैं, आपने कभी कोई कार्रवाई की?
जवाब: राजनीतिक पार्टियों में ऐसा चलता रहता है। पार्टियों में कई तरह के लोग होते हैं।

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