Punjab News: मोबाइल एप से कर सकेंगे पानी व राजस्व से जुड़ा भुगतान, पंजाब में ग्रामीणों को मिलेगी खास सुविधा
जल सप्लाई और सैनिटेशन विभाग के प्रमुख सचिव डीके तिवारी और विभाग प्रमुख मुहम्मद इशफाक ने कहा कि एम-ग्राम सेवा पायलट प्रोजेक्ट ने श्री आनंदपुर साहिब डिवीजन में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है, जिससे प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ी है। मोबाइल एप ने फंड प्रबंधन की कुशलता में सुधार किया है।
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पंजाब में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी अब पानी और राजस्व संबंधी सरकारी सेवाओं का भुगतान मोबाइल एप के जरिये कर सकेंगे। एम-ग्राम सेवा एप से जोड़े गए श्री आनंदपुर साहिब के 85 गांवों में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है।
अब सरकार इस योजना को राज्य भर में लांच करने जा रही है। इससे लोगों को एक क्लिक पर भुगतान के अलावा अन्य सुविधाएं मिल पाएंगी। जल आपूर्ति और सफाई मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि पंजाब सरकार राज्य भर में एम-ग्राम सेवा एप शुरू करने की योजना बना रही है। इसका प्रयोग सभी गांवों के लिए किया जाएगा।
श्री आनंदपुर साहिब में एम-ग्राम सेवा एप का पायलट प्रोजेक्ट का बेहतरीन प्रभाव देखने को मिला है। इससे नागरिकों के जीवन में सुधार के साथ समाज में एक सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व और खर्चों के विवरणों को डिजिटल करने, जल आपूर्ति संबंधी सेवाओं के फंड के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दिसंबर 2021 में एम-ग्राम सेवा मोबाइल एप लांच की गई थी।
इस पायलट प्रोजेक्ट में 73 ग्राम पंचायत जल आपूर्ति कमेटी स्कीमों और श्री आनंदपुर साहिब डिवीजन के 85 गांवों को कवर किया गया। यह एप एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है। इसमें अलग-अलग भाषाएं चुनने की सुविधा, आसान डिजिटल बुक-कीपिंग, ऑनलाइन और नकद भुगतान की सुविधा, एसएमएस द्वारा अलर्ट भेजने की सुविधा और पानी की सेवाओं की क्वालिटी के मूल्यांकन के लिए एक प्रणाली शामिल है।
जल सप्लाई और सैनिटेशन विभाग के प्रमुख सचिव डीके तिवारी और विभाग प्रमुख मुहम्मद इशफाक ने कहा कि एम-ग्राम सेवा पायलट प्रोजेक्ट ने श्री आनंदपुर साहिब डिवीजन में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है, जिससे प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ी है। मोबाइल एप ने फंड प्रबंधन की कुशलता में सुधार किया है, जिससे लोगों के लिए बेहतर सेवाएं मिलीं। इस एप को राज्य भर के अन्य मंडलों में भी इस्तेमाल करने की योजना है।
एप में मिल रहीं ये सुविधाएं
एम-ग्राम सेवा एप के लागू होने से राजस्व संग्रह और निगरानी प्रणाली में कई सुधार हुए हैं। इस एप के लागू होने से पहले 73 में से सिर्फ 20 ग्राम पंचायत वाटर सप्लाई कमेटियां (जीपीडब्ल्यूएससी) दस्तावेजी ढंग से अपने रिकार्डों की संभाल कर रहे थे लेकिन अब सभी रिकार्डों को एप पर डिजिटल तौर पर बड़े योग्य और सुखद ढंग से संभाला जा रहा है।
उपभोक्ता अब अलग-अलग विकल्पों द्वारा ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं और बिल बनाने सहित भुगतान करने की रिपोर्ट को एसएमएस द्वारा भेजा जाता है। साथ ही यह जानकारी व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध रहती है। जिंपा ने कहा कि एप का डैशबोर्ड वसूली और खर्चों के स्नैपशॉट प्रदान करता है। यह सरपंचों और अन्य ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए उपलब्ध रहते हैं और एप में उपलब्ध कंज्यूमर रेटिंग सिस्टम (उपभोक्ता दर्जाबंदी प्रणाली) की सुविधा से जल सप्लाई संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और निपटारा करने में सुधार आया है।