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चुनाव इफेक्ट: अब बढ़ेगा भाजपा का कुनबा !
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 19 May 2014 12:22 AM IST
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हरियाणा लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा के बढ़े ग्राफ ने अन्य दलों के विधायकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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लोकसभा चुनाव में हरियाणा में जिस तरह से भाजपा का ग्राफ बढ़ा है और कांग्रेस को शिकस्त मिली है। उस आधार पर यह कहना गलत नहीं है कि यह विधायक दूसरे दलों में अपनी संभावनाएं तलाश सकते हैं। लिहाजा भगदड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हरियाणा विधानसभा में इस समय विधायकों की संख्या 90 में से 86 रह र्गई है। अंबाला शहर से विधायक विनोद शर्मा पहले ही हुड्डा सरकार का दामन छोड़कर जा चुके हैं।
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भिवानी से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़कर संसद के गलियारे तक पहुंचे धर्मवीर सिंह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं जबकि कालांवाली से शिअद विधायक रहे चरणजीत सिंह ने विधानसभा की सदस्यता त्याग कर इनेलो के टिकट पर सिरसा से चुनाव लड़ा।
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चरणजीत सिंह यहां से इनेलो की टिकट पर चुनकर संसद पहुंचे हैं। उधर, फरीदाबाद से भाजपा टिकट पर चुनाव जीते कृष्णपाल गुर्ज्जर भी सांसद बन चुके हैं।
वे अभी हरियाणा विधानसभा के सदस्य हैं। अब हजकां विधायक रेणुका बिश्नोई के इस्तीफे के बाद हरियाणा विधानसभा में विधायकों की संख्या 86 रह गई है।
हरियाणा विधानसभा के अब तीन विधायक सांसद बन चुके हैं। इनमें कृष्णपाल गुर्जर का इस्तीफा अभी बाकी है। उनके इस्तीफे के बाद यह संख्या 85 रह जाएगी।
चार विधायक नहीं पहुंच सके संसद
सोनीपत से विधायक जगबीर मलिक, नलवा से विधायक संपत सिंह, इनेलो विधायक पदम सिंह दहिया और राव बहादुर सिंह ने सांसद बनने के लिए जोर पूरा लगाया, लेकिन इनकी मंशा पूरी नहीं हुई संसद तक पहुंचने में यह चारों विधायक नाकाम रहे।