साइकिल चलाना बेहद फायदेमंद, नहीं रहेगा बीमारियों का खतरा, बने रहेंगे सेहतमंद
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साइकिल चलाने से व्यक्ति का शरीर चुस्त और फुर्तीला हो जाता है। इससे कई बीमारियों का खतरा तो कम होता ही है, मानसिक व शारीरिक रूप से आप मजबूत भी बनते हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि साइक्लिंग से बेहतर कोई दूसरा व्यायाम नहीं होता। साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ रखने में योगदान दे सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, साइकिल चलाने से शरीर की तमाम मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। साथ ही, इससे घुटनों और जोड़ों की समस्या से भी निजात मिल जाती है। दिल और दिमाग से जुड़ी कई समस्याओं को कम करने में भी साइक्लिंग कारगर है।
कोरोना काल में साइकिल चलाना सबसे सुरक्षित
कोरोना काल में साइकिल चलाना सबसे सुरक्षित माना गया है। सार्वजनिक परिवहन की जगह साइकिल का इस्तेमाल करने से कोरोना का खतरा कम रहता है। इससे सामाजिक दूरी का पूर्ण पालन होता है जबकि सार्वजनिक परिवहन में ऐसा करना थोड़ा मुश्किल होता है। फिट रखने के लिए लोग जिम में जाते हैं लेकिन बंद जगह होने और एक सामान को कई लोगों के छूने से कोरोना संक्रमण का खतरा है। साइक्लिंग में अकेले चलना होता है और जिम की कमी को भी पूरा करता है।
दिल को फिट रखती है साइकिल
हर रोज 30 मिनट के लिए साइकिल चलाना दिल की कई बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। इससे दिल की धमनियां मजबूत होती हैं। यह एक आसान एक्सरसाइज है। नियमित रूप से साइक्लिंग करने से शरीर में रक्त संचार सही रहता है। इससे हार्ट अटैक की आशंका काफी कम होती है और फेफड़े मजबूत होते हैं।
वजन नियंत्रित रहता है, शुगर का खतरा भी कम
आजकल मोटापा व शुगर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें भी साइक्लिंग से काफी मदद मिलती है। डॉक्टरों के मुताबिक, शरीर का वजन बढ़ने से इंसान का ओवरऑल मूवमेंट कम होता है। इससे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है। यदि इंसान नियमित रूप से साइकिल चलाता है तो इससे न सिर्फ उसका वजन नियंत्रित होगा, बल्कि शुगर होने का खतरा भी कम हो जाएगा।
जोड़ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं
साइकिल चलाते समय पैर से लेकर हाथ और जोड़ों से लेकर मांसपेशियों तक, हर अंग का भरपूर उपयोग होता है। इससे पूरे शरीर की एक साथ एक्सरसाइज हो जाती है, बॉडी का स्टेमिना बढ़ता है और लोगों को जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है और उसमें मजबूती आती है।
तनाव से राहत दिलाने में मददगार
साइकिल की सवारी तनाव को कम करने में काफी हद तक लाभकारी है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी खेल से तनाव को दूर करने में मदद मिलती है, मगर साइकिल से मानसिक तनाव के साथ शारीरिक तंदुरुस्ती भी बनी रहती है। इस कारण नियमित रूप से साइकिल चलाने वालों को अवसाद और तनाव की शिकायत होने की आशंका बहुत कम होती है।
दिमागी तौर पर भी रखे मजबूत
एक शोध के मुताबिक, नियमित साइकिल चलाने वाले लोगों का दिमागी स्तर आम लोगों की अपेक्षा 15 प्रतिशत ज्यादा बेहतर होता है। इसके अलावा आपके शरीर में नए ब्रेन सेल्स भी बनते हैं और लगातार साइक्लिंग करने से आपका दिल भी सुरक्षित रहता है।
कैंसर का खतरा कम रहता है
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, लगातार साइकिल चलाने से किसी भी वजह से होने वाली मौत का खतरा 41 प्रतिशत तक कम होता है। अध्ययन के दौरान पाया गया कि साइकिल चलाने वालों ने एक हफ्ते में औसतन करीब 48 किलोमीटर साइकिल चलाई, जो उनके लिए वरदान साबित हुआ।
साइक्लिंग सबसे बेस्ट एक्सरसाइज है। इससे हार्ट मजबूत होता और कैलोरी बर्न होती है। डायबिटीज की रोकथाम में भी यह फायदेमंद है। जिन लोगों के घुटने में समस्या होती है, उन्हें भी साइकिल चलाने की सलाह दी जाती है। इससे उनके घुटने मजबूत होते है और ट्रांसप्लांट व सर्जरी की बहुत कम आवश्यकता पड़ती है। एक व्यक्ति को अपनी क्षमतानुसार साइकिल चलानी चाहिए। कम से कम 30 से 40 मिनट साइक्लिंग जरूर करें। - डॉ. संजीव भाटिया, निदेशक ग्लोबल हेल्थ केयर
साइक्लिंग एक एरोबिक एक्सरसाइज है। इससे दिल में ब्लॉकेज की समस्या कम होती है। यदि कोई व्यक्ति 30 मिनट तक साइक्लिंग करता है तो यह उसके लिए बहुत फायदेमंद होगा। साइक्लिंग से व्यक्ति अपने आपको पूरे दिन ऊर्जावान महसूस करता है। तनाव भी दूर रहता है। - डॉ. तरणदीप सिंह, कार्डियोलाजी, हीलिंग हॉस्पिटल