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विश्वभर के विशेषज्ञों ने बच्चों में हृदयरोग के उपचार पर किया मंथन
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चंडीगढ़। पीजीआई के एनेस्थीसिया और गहन चिकित्सा विभाग के कॉर्डियक एनेस्थीसिया डिवीजन की ओर से मंगलवार को क्रिटिकल जन्मजात हृदय रोग पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
ह्यूस्टन के टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल और पीजीआई की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में विश्व भर के 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने जन्म के दौरान बच्चों में होने वाले हृदय संबंधी विकारों के उपचार की नई तकनीक पर चर्चा की। ह्यूस्टन के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हीथर डिकर्सन ने समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में कम विकसित बाएं तरफ वाले दिल से संबंधित समस्याओं के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पीजीआई एनेस्थीसिया और गहन चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि 2009 में पीजीआई में एडवांस कॉर्डियक सेंटर की स्थापना के बाद प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ हजार सर्जरी की जा रही है। इनमें से 20 प्रतिशत पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जरी है। हृदय रोग संबंधी मरीजों के उचित उपचार व प्रबंधन में कॉर्डियक एनेस्थीसिया का अहम रोल है। इसके महत्व को समझते हुए पीजीआई में बाल चिकित्सा हृदय एनेस्थीसिया फेलोशिप कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
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ह्यूस्टन के टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल और पीजीआई की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में विश्व भर के 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने जन्म के दौरान बच्चों में होने वाले हृदय संबंधी विकारों के उपचार की नई तकनीक पर चर्चा की। ह्यूस्टन के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हीथर डिकर्सन ने समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में कम विकसित बाएं तरफ वाले दिल से संबंधित समस्याओं के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
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पीजीआई एनेस्थीसिया और गहन चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि 2009 में पीजीआई में एडवांस कॉर्डियक सेंटर की स्थापना के बाद प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ हजार सर्जरी की जा रही है। इनमें से 20 प्रतिशत पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जरी है। हृदय रोग संबंधी मरीजों के उचित उपचार व प्रबंधन में कॉर्डियक एनेस्थीसिया का अहम रोल है। इसके महत्व को समझते हुए पीजीआई में बाल चिकित्सा हृदय एनेस्थीसिया फेलोशिप कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
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