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Chandigarh News: कोलन कैंसर पर काबू पाने के लिए देशभर के विशेषज्ञ पीजीआई के नेतृत्व में करेंगे अध्ययन

Tue, 14 Mar 2023 01:57 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Mar 2023 01:57 AM IST
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Experts from all over the country will study under the leadership of PGI to overcome colon cancer
चंडीगढ़। कोलन कैंसर पर काबू पाने के लिए देशभर के विशेषज्ञ पीजीआई के नेतृत्व में अध्ययन करेंगे। इसके लिए पीजीआई गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने कार्य योजना तैयार कर ली है। एक माह के अंदर इस पर देशभर में काम शुरू हो जाएगा। इस अध्ययन में पीजीआई गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ बीमारी के कारणों की जानकारी प्राप्त कर उससे बचाव की रणनीति तैयार करेंगे।
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पीजीआई गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. ऊषा दत्ता ने बताया कि कोलन कैंसर को पहले पश्चिमी देश का मर्ज माना जाता था, लेकिन अब देश में इसकी रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो देश में पिछले 10 वर्षों में यह 40 से 50 साल वालों में 30 प्रतिशत और 50 से ज्यादा उम्र वालों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा चिंताजनक है, इसलिए इससे बचाव पर व्यापक कार्य करने की जरूरत महसूस की गई है और अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है। इस अध्ययन में पीजीआई मुख्य केंद्र होगा जबकि इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी की तरफ से स्क्रीनिंग की जाएगी। इसमें संक्रमित मिलने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा। वहीं उसके कारणों की पड़ताल भी की जाएगी जिससे उस पर काबू पाना संभव हो सके।
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बड़ी आंत से होती है शुरुआत

प्रो. ऊषा दत्ता ने बताया कि कोलन हमारे शरीर की बड़ी आंत होती है और मलाशय वह हिस्सा होता है जो कोलन को एनस यानी गुदा से कनेक्ट करता है। कोलन और मलाशय मिलकर बड़ी आंत का निर्माण करते हैं। यह दोनों ही हमारे पाचन क्रिया का एक अहम हिस्सा होते हैं। कोलन और मलाशय की दीवार कई परतों की बनी होती है और ज्यादातर कोलन या फिर कोलोरेक्टल कैंसर की शुरुआत इन दीवार की अंदरूनी परतों से शुरू होता है।
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जमीन पर बैठकर करें भोजन

इस कैंसर के बारे में पीजीआई के रेडियोथैरेपी और ऑन्कोलॉजी व टेरेटरी सेंटर के प्रमुख प्रो. राकेश कपूर का कहना है कि खाना खाने का गलत तरीका भी इसका कारण हो सकता है। लोग जल्दबाजी में आराम से बैठकर खाना भूलते जा रहे हैं। खड़े होकर खा रहे हैं। प्रो. राकेश ने बताया कि हमें यह बात ठीक से समझनी होगी कि भोजन सबसे पहले पेट में रुकता है फिर आंतों में जाकर बड़ी आंत में जाता है। पेट में खाना जाने के बाद उसे पचने में कम से चार घंटे का समय लगता है, लेकिन जब खड़े होकर खाना खाते हैं तो खाना सीधे बड़ी आंत में जाता है। पाचन तंत्र को खाना पचाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इस वजह से शरीर के अंगों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता, जिसके कारण कब्ज और पेट संबंधी अन्य मर्ज होने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या आप जानते हैं?
- कोलन कैंसर पूरी दुनिया में तीसरा सबसे आम कैंसर है।

- प्रत्येक वर्ष 18 लाख से अधिक व्यक्तियों को होता है यह कैंसर।

- हर साल विश्वभर में इससे 8,62,000 लोगों की मौत हो जाती है।

- कोलोरेक्टल कैंसर होने का जोखिम 20 में से एक को होता है।
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