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प्रो. टंडन के निधन के बाद खाली हुई सीनेट की सीट को भरने की कवायद शुरू, कई शिक्षकों ने ताकत लगाई, चांसलर करेंगे मनोनीत
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चंडीगढ़। प्रो. सुरेश टंडन के निधन के बाद खाली हुई पीयू सीनेट की सीट को भरने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए चांसलर कार्यालय से एक सीनेटर को मनोनीत किया जाएगा। इस एक सीट पर काबिज होने के लिए कई शिक्षक व बाहरी लोग ताकत लगा रहे हैं।
कुछ माह पहले पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे प्रो. सुरेश टंडन को सीनेटर मनोनीत किया गया था, लेकिन हाल ही में उनका निधन हो गया। उसके बाद सीट खाली हो गई। सीनेट का सदस्य हर कोई बनना चाहता है। ऐसे में तमाम शिक्षक इस सीट पर काबिज होने के लिए जुटे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि चार शिक्षकों के नाम चांसलर कार्यालय गए हैं। वहां से एक नाम पर मुहर लगेगी। वहीं दूसरी ओर पीयू से बाहर के कुछ लोगों ने भी अपनी तरफ से सिफारिश लगाकर मनोनयन होने की कोशिश की है। हालांकि सीनेटर जो भी मनोनीत होगा उसका कार्यकाल लगभग डेढ़ माह का ही होगा। 31 अक्तूबर तक ही सीनेट रहेंगी। उसके बाद कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि सीनेट का रिफॉर्म करने के पूरे प्रयास चल रहे हैं। यदि सफलता मिल जाती है तो बोर्ड ऑफ गवर्नेंस पीयू का संचालन करेगा अन्यथा सीनेट के चुनाव अक्तूबर के बाद होंगे। उसके बाद दिसंबर में सिंडिकेट का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उसके चुनाव भी होंगे। हालांकि चुनाव होगा या नहीं, यह निर्णय अभी नहीं लिया गया।
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कुछ माह पहले पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे प्रो. सुरेश टंडन को सीनेटर मनोनीत किया गया था, लेकिन हाल ही में उनका निधन हो गया। उसके बाद सीट खाली हो गई। सीनेट का सदस्य हर कोई बनना चाहता है। ऐसे में तमाम शिक्षक इस सीट पर काबिज होने के लिए जुटे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि चार शिक्षकों के नाम चांसलर कार्यालय गए हैं। वहां से एक नाम पर मुहर लगेगी। वहीं दूसरी ओर पीयू से बाहर के कुछ लोगों ने भी अपनी तरफ से सिफारिश लगाकर मनोनयन होने की कोशिश की है। हालांकि सीनेटर जो भी मनोनीत होगा उसका कार्यकाल लगभग डेढ़ माह का ही होगा। 31 अक्तूबर तक ही सीनेट रहेंगी। उसके बाद कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
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सूत्रों का कहना है कि सीनेट का रिफॉर्म करने के पूरे प्रयास चल रहे हैं। यदि सफलता मिल जाती है तो बोर्ड ऑफ गवर्नेंस पीयू का संचालन करेगा अन्यथा सीनेट के चुनाव अक्तूबर के बाद होंगे। उसके बाद दिसंबर में सिंडिकेट का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उसके चुनाव भी होंगे। हालांकि चुनाव होगा या नहीं, यह निर्णय अभी नहीं लिया गया।
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