Exclusive: अब देश का इनकम टैक्स कानून आसान बनेगा
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केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न एक्टों में किए जा रहे सुधार की श्रेणी में देश का इनकम टैक्स एक्ट भी आ गया है। जिसके लिए सरकार ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को देश भर के सात शहरों में आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह जानकारी दी।
इन शहरों में कैथल भी शामिल है। कांफ्रेंसिंग में उन्होंने बताया कि देश के लोगों को टैक्स अदायगी में परेशानी न आए। साथ ही जो लोग टैक्स जमा नहीं करवा रहे, वे टैक्स जमा करवाने के लिए आएं।
इसके लिए विभिन्न संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। जिसके तहत दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस ईश्वर सिंह की चेयरमैनशिप में एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
कमेटी विशेषज्ञों की सलाह लेगी। इनकम टैक्स एक्ट को सरल बनाने के लिए सुझाव देगी। इन सुझावों में जो भी सुझाव अमल करने के लायक होंगे, उन्हें एक्ट में शामिल करते हुए इस एक्ट में शामिल किया जाएगा। ताकि इसे सरल बनाया जा सके।
1961 में बना था इनकम टैक्स एक्ट
सीए एवं उद्योगपति सतीश बंसल ने बताया कि देश में इनकम टैक्स एक्ट 1961 में बना था। जिसके तहत टैक्स अदायगी में लोगों को काफी परेशानी आती है। प्रत्येक बजट में इसमें नए प्रावधान जुड़ जाते हैं।
जिसकी वजह से काफी पेचिदगियां लोगों के सामने आ जाती हैं। वर्ष 1961 में लोगों की जो आय थी, उसकी तुलना में आज आय कई गुणा बढ़ गई है। जिस कारण टैक्स अदायगी में लोगों को परेशानी आती है।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
सीए सतीश बंसल ने बताया कि एक्ट में सुधार एवं सरलीकरण समय की जरुरत है। पिछली सरकार ने भी डायरेक्ट टैक्स कोड शुरू किया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने उसे रद्द कर दिया है।
यदि अब इस एक्ट में सुधार होता है तो लोगों को निश्चित तौर पर राहत मिलेगी। यदि टैक्स भरना सरल होगा तो ज्यादा से ज्यादा लोग देश में टैक्स भरेंगे। इस समय केवल 3 करोड़ लोग ही टैक्स अदा करते हैं। जिनकी संख्या बढ़ भी सकती है।