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हरियाणा: शराब घोटाले में आबकारी विभाग ने विजिलेंस को सौंपी 400 पेज की रिपोर्ट
Tue, 29 Sep 2020 04:17 AM IST
ajay kumar
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 29 Sep 2020 04:17 AM IST
सार
- विजिलेंस ने रिपोर्ट खंगालने के बाद शुरू की जांच
- चीफ सेक्रेट्री के आदेश के बाद होगी एफआईआर
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले में आखिरकार आबकारी विभाग ने विजिलेंस को 400 पेज की रिपोर्ट सौंप दी है। जिसके आधार पर इस मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। गृह सचिव के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाने संबंधी जो निर्देश भेजे गए थे। वे निर्देश अभी मुख्य सचिव कार्यालय में लंबित हैं। एफआईआर के आदेश होते ही इस मामले में विजिलेंस एफआईआर दर्ज कर लेगा। गृह मंत्री अनिल विज ने इस बात की पुष्टि की है।
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शराब घोटाले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। एसईटी की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्री अनिल विज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिपोर्ट विजिलेंस के पास एफआईआर दर्ज कर जांच करने के लिए भेजी थी लेकिन पिछले गुरुवार को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी मिली कि अभी तक इस मामले में एफआईआर ही दर्ज नहीं हुई। ऐसे में बगैर एफआईआर के जांच कैसे हो सकती है। जिसके बाद शुक्रवार को फिर से गृह मंत्री अनिल विज ने गृह विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करवा कर जांच शुरू करवाई जाए। पत्र लिखना इसलिए भी जरूरी था कि विजिलेंस गृह विभाग के अधीन नहीं है।
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पहले एसईटी और एसआईटी में उलझा रहा मामला
पहले इस मामले में एसआईटी और एसईटी के गठन पर मामला उलझा रहा। जिसके बाद एसईटी का गठन हुआ लेकिन एसईटी को शक्तियां नहीं मिली। एसईटी को शक्तियों के लिए पत्र लिखा तो फाइल कानूनी पचड़ों में ही उलझी रही। अंतत: एसईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट गृह मंत्री को सौंपी। जांच रिपोर्ट में आईएएस शेखर विद्यार्थी और आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। जिसके बाद विज ने इस मामले में विजिलेंस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने को कहा था।
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