पूर्व मंत्री गिरफ्तार, पुलिस खींचतान में गिरी पगड़ी
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पुलिस ने थाना मक्खू के अंतर्गत हरिके पत्तन पुल पर किसानों की ओर से दिए जा रहे धरने को असफल करने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सिंह जीरा समेत कई किसानों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की खींचतान में इंद्रजीत सिंह की पगड़ी भी गिर गई।
किसानों की ओर से मंगलवार को इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में धरना दिया जाना था। अनाज मंडियों में धान की खरीद में किसानों के साथ हो रही लूटखसोट को लेकर कुछ दिन पहले हरिके पत्तन पुल पर इंद्रजीत सिंह जीरा की अगुवाई में किसानों ने धरना दिया था। उस समय पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया था।
पुलिस ने पुल पर धरना देकर यातायात ठप करने के आरोप में इंद्रजीत सिंह समेत दो दर्जन किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। किसानों पर दर्ज हुए मामले रद्द करवाने के लिए मंगलवार को इंद्रजीत सिंह जीरा की अगुवाई में किसान हरिके पत्तन पुल पर धरना देने पहुंचे थे। तब इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। यही नहीं इंद्रजीत सिंह को पुलिस पहले मक्खू थाना, उसके बाद जीरा थाना फिर तलवंडी भाई आखिर में ममदोट थाना ले गई ताकि किसानों को इंद्रजीत सिंह के बारे कुछ पता न चले।
कई दिन से प्रदर्शन
थाना ममदोट में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मंडी में धान खरीद में किसानों के साथ हो रही लूटखसोट को लेकर कई दिन से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। मंगलवार को हरिके पत्तन पर धरना देना था।
वे सुबह पांच बजे पुल पर किसानों के साथ धरना देने पहुंचे थे कि आधा घंटे बाद पुलिस ने वहां आकर उन्हें और किसानों को गिरफ्तार कर लिया। कई किसानों को विभिन्न थानों में बंद किया गया है।
इंद्रजीत ने बताया कि इस बार पंजाब की मंडियों में प्राइवेट व्यापारी किसानों का धान व बासमती कम पैसों में खरीद रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उनका आरोप है कि इस बार मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के अलावा अन्य मंत्रियों ने भी मंडियों में जाकर किसानों की मुश्किलें नहीं सुनीं।
अब तक कई किसानों को धान की खरीद का पैसा नहीं मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की खुशहाली के लिए कई वादे किए थे जो झूठे निकले। मोदी भी पंजाब के किसानों की बर्बादी के गुनहगार हैं।