अगर कर्मचारी हो गया लापता तो भी परिजनों को नौकरी देगी सरकार, लेकिन जान लें ये शर्तें
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लगभग 26 साल बाद 1 अगस्त से हरियाणा में एक्स ग्रेशिया पॉलिसी लागू कर दी गई है। राज्यपाल से मंजूरी के बाद हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस पॉलिसी को लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। सन 1993 में तत्कालीन हरियाणा सरकार ने इस पॉलिसी को रद कर दिया था। लेकिन अब मनोहर सरकार ने इसे फिर से लागू करने का निर्णय लिया।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि इसी वर्ष 1 अगस्त से इस नीति को लागू करते हुए मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को इस पॉलिसी का लाभ दिया जाएगा।
इस पॉलिसी के तहत सेवा के दौरान अगर किसी कर्मचारी का निधन होता है, तो उस सूरत में आश्रितों को नौकरी या वित्तीय सहायता दोनों में से एक का लाभ लेने की छूट रहेगी। मगर उसके साथ- साथ सेवा के दौरान यदि कोई कर्मचारी लापता भी हो जाता है तो भी उसके परिजनों को सरकार उक्त लाभ देगी।
ये रहेंगी शर्तें
इस पॉलिसी का लाभ लेने वाले मृतक और लापता हुआ कर्मचारियों के आश्रितों को इसका लाभ तभी मिलेगा जब संबंधित कर्मचारी कम से कम 5 साल की सरकारी नौकरी कर चुका होगा। इसके अलावा मृतक कर्मचारी व लापता कर्मचारी की उम्र अगर 52 साल से अधिक होगी तो उस सूरत में आश्रितों को इस पॉलिसी का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा अगर कर्मचारी पर किसी प्रकार के कपट में संलिप्त होने, किसी आतंकी संगठनों से जुड़े होने या उसके विदेश भाग जाने संबंधी कोई भी संदेह सरकार को है, तो भी संबंधित कर्मचारी के आश्रितों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
इसके तहत लाभ लेने वाले आश्रित या तो संबंधित कर्मचारी की इस शेष बची नौकरी का पूरा वेतन और भत्ते का लाभ एकमुश्त राशि के रूप में ले सकते हैं या फिर यदि उन्हें नौकरी का लाभ चाहिए तो उन्हें वन स्टेप डाउन पद पर नौकरी मिलेगी। बशर्ते कर्मचारी के ब्लड रिलेशन में किसी अन्य के पास सरकारी नौकरी न हो।