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Chandigarh News: आज शाम चार बजे से निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस दाखिला प्रक्रिया होगी शुरू
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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग की ओर से ईडब्ल्यूएस और डिसएडवांटेज ग्रुप से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों के लिए दाखिला प्रक्रिया मंगलवार शाम चार बजे से शुरू की जा रही है। अभिभावकों को दाखिला आवेदन फॉर्म शिक्षा विभाग की वेबसाइट online.chdeducation.gov.in पर उपलब्ध होगा। उम्मीदवार दाखिला फॉर्म 31 जनवरी शाम पांच बजे तक भर सकते हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिन बच्चों की सालाना आय डेढ़ लाख से कम है, उन्हें ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। इसके लिए माता या पिता का डीसी की ओर से जारी किया गया इनकम सर्टिफिकेट उम्मीदवार के कागजों के साथ जमा करवाना अनिवार्य होगा। वहीं, डिसएडवांटेज ग्रुप की श्रेणी में शेड्यूल कास्ट के लिए डीसी/एसडीएम/तहसीलदार की ओर से एससी सर्टिफिकेट जारी किया होना चाहिए।
माता-पिता के 60 प्रतिशत दिव्यांग होने, कैंसर/एड्स/थैलेसिमिया पीड़ित छात्र, दिव्यांग छात्र के दाखिले के लिए जनरल अस्पताल-16, जीएमसीएच-32 और पीजीआई के मेडिकल बोर्ड की ओर सर्टिफिकेट जारी किया हुआ होना चाहिए। इस श्रेणी में सैन्य जवान के सर्विस के दौरान शहीद होने पर उनके बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए जिला सैनिक वेलफेयर अफसर की ओर से सर्टिफिकेट जारी किया होना चाहिए। इसके अलावा अनाथ बच्चे को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
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छात्रों को नजदीकी 10 स्कूलों का दिया जाएगा विकल्प
छात्रों को दाखिले के लिए नजदीकी 10 स्कूलों का विकल्प दिया जाएगा। हर निजी स्कूल में 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। दाखिले के लिए उम्मीदवार को जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड, रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट अपलोड करने होंगे। अगर कागजातों में कोई त्रुटि पाई जाती है तो दाखिला रद्द किया जा सकता है। उम्मीदवार को घर के नजदीकी पहले एक किमी, इसके बाद एक से तीन किमी के बीच और तीन किमी से ज्यादा के आधार पर ऑनलाइन खाली सीटों के आधार पर स्कूल अलॉट होगा। सॉफ्टवेयर के जरिए यह व्यवस्था ऑटोमैटिक कर दी गई है। इसमें अब बाहरी किसी व्यक्ति की कोई भूमिका शामिल नहीं रहेगी।
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शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिन बच्चों की सालाना आय डेढ़ लाख से कम है, उन्हें ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। इसके लिए माता या पिता का डीसी की ओर से जारी किया गया इनकम सर्टिफिकेट उम्मीदवार के कागजों के साथ जमा करवाना अनिवार्य होगा। वहीं, डिसएडवांटेज ग्रुप की श्रेणी में शेड्यूल कास्ट के लिए डीसी/एसडीएम/तहसीलदार की ओर से एससी सर्टिफिकेट जारी किया होना चाहिए।
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माता-पिता के 60 प्रतिशत दिव्यांग होने, कैंसर/एड्स/थैलेसिमिया पीड़ित छात्र, दिव्यांग छात्र के दाखिले के लिए जनरल अस्पताल-16, जीएमसीएच-32 और पीजीआई के मेडिकल बोर्ड की ओर सर्टिफिकेट जारी किया हुआ होना चाहिए। इस श्रेणी में सैन्य जवान के सर्विस के दौरान शहीद होने पर उनके बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए जिला सैनिक वेलफेयर अफसर की ओर से सर्टिफिकेट जारी किया होना चाहिए। इसके अलावा अनाथ बच्चे को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
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छात्रों को नजदीकी 10 स्कूलों का दिया जाएगा विकल्प
छात्रों को दाखिले के लिए नजदीकी 10 स्कूलों का विकल्प दिया जाएगा। हर निजी स्कूल में 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। दाखिले के लिए उम्मीदवार को जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड, रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट अपलोड करने होंगे। अगर कागजातों में कोई त्रुटि पाई जाती है तो दाखिला रद्द किया जा सकता है। उम्मीदवार को घर के नजदीकी पहले एक किमी, इसके बाद एक से तीन किमी के बीच और तीन किमी से ज्यादा के आधार पर ऑनलाइन खाली सीटों के आधार पर स्कूल अलॉट होगा। सॉफ्टवेयर के जरिए यह व्यवस्था ऑटोमैटिक कर दी गई है। इसमें अब बाहरी किसी व्यक्ति की कोई भूमिका शामिल नहीं रहेगी।