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ईडब्ल्यूएस दाखिला : अल्पसंख्यक स्कूल और प्रशासन आमने-सामने

Sun, 03 Dec 2023 01:53 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2023 01:53 AM IST
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EWS Admission: Minority school and administration face to face
चंडीगढ़। ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए शहर के अल्पसंख्यक स्कूल और प्रशासन में टकराव की स्थिति बन गई है। अल्पसंख्यक स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से एंट्री क्लास में दाखिले के लिए 15 प्रतिशत दाखिला देने से इनकार कर रहे हैं।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 सभी निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित करने की बात कहता है लेकिन अधिनियम में अल्पसंख्यक स्कूलों को शामिल नहीं किया है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन अलॉटमेंट ऑफ लैंड टू एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन एक्ट 1996 के तहत अल्पसंख्यक स्कूलों को भी 15 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस बच्चों को देने के लिए अनिवार्य कर रहा है।
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इस पर अल्पसंख्यक स्कूलों का कहना है कि वह अपने मानदंड के अनुसार गरीब बच्चों को दाखिला दे रहे हैं लेकिन उन पर केंद्रीकृत ईडब्ल्यूएस दाखिले की प्रक्रिया न थोपी जाए। निजी स्कूलों के समूह इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन प्रशासन के अल्पसंख्यक स्कूलों पर ईडब्ल्यूएस दाखिला लागू करने और अन्य स्कूलों को ईडब्ल्यूएस सीटों की फीस अदा न करने पर उच्च न्यायालय में केस लड़ रहे हैं। एसोसिएशन अध्यक्ष एचएस मानिक ने कहा कि अल्पसंख्यक स्कूल आरटीई एक्ट के तहत ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए योग्य नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन धक्के से उन पर यह नियम लागू कर रहा है।
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कोट्स

अल्पसंख्यक स्कूलों को लेकर निर्णय लेना बाकी
अल्पसंख्यक स्कूलों पर ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। आरटीई एक्ट के तहत अल्पसंख्यक स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के बच्चों को दाखिला देने के लिए बाध्य नहीं हैं लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से लैंड अलॉटमेंट एक्ट के तहत स्कूलों को 15 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस बच्चों को देने के लिए कहा है। -हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक

अपने हिसाब से देते हैं गरीब बच्चों को दाखिला
हमारे स्कूल स्टाफ के सभी बच्चे और अन्य क्रिश्चियन जरूरतमंद बच्चों को हम मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को स्कूल मैनेजमेंट अपने मानकों के अनुसार शिक्षा प्रदान कर रहा है लेकिन प्रशासन के 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिला अनिवार्य कर देना गलत है। आरटीई एक्ट में माइनॉरिटी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस दाखिले में शामिल नहीं किया है। प्रशासन जबरदस्ती हम पर अपने नियम थोप रहा है। -एबीएस सिद्धू, सौपिंस स्कूल (अल्पसंख्यक स्कूल) एमडी


अल्पसंख्यक स्कूलों पर प्रशासन की मनमानी
विभाग अल्पसंख्यक स्कूलों पर इस तरह अपने तानाशाही नियमों को लागू नहीं कर सकता। वह न आरटीई एक्ट के तहत और न ही लैंड अलॉटमेंट एक्ट के तहत ईडब्ल्यूएस दाखिला करने के लिए बाध्य है। उसके बावजूद प्रशासन जबरन माइनॉरिटी स्कूलों पर अपने नियम थोप रहा है। इसलिए उच्चतर न्यायालय में प्रशासन के खिलाफ केस लड़ रहे हैं। -एचएस मानिक, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष
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