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सभी को मिलकर करना होगा काम, पूर्व छात्र बदल सकते हैं पीयू की तस्वीर : धनखड़

Sun, 24 Dec 2023 02:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Dec 2023 02:27 AM IST
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Everyone will have to work together, alumni can change the picture of PU: Dhankhar
चंडीगढ़। पिछले काफी समय से वित्तीय संकट झेल रही पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) को अब राहत मिल सकती है। पीयू के चौथे ग्लोबल एलुमनी मीट में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंच से इस समस्या को हल करने की बात कही। कहा कि वह सभी उपराष्ट्रपति निवास में बैठेंगे और चर्चा करेंगे कि पीयू को वित्तीय तौर पर कैसे मजबूत बनाया जाए। उन्होंने पीयू एलुमनी के समग्र निधि (कॉर्पस फंड) पर भी बात की।उपराष्ट्रपति ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी आज जहां है, उससे कहीं आगे जाने की योग्यता रखती है। इसके लिए सभी को काम करना होगा। यहां के पूर्व छात्र पूरे देश में फैले हुए हैं और बड़े-बड़े पदों पर हैं। विश्व के अन्य देशों की यूनिवर्सिटी की तरह पीयू के पास समग्र निधि क्यों नहीं है, जिसमें एलुमनी की ओर से पैसा दिया जाता हो। क्यों पीयू के एलुमनी खास मौकों पर नहीं आते हैं। देश की यूनिवर्सिटियों को नालंदा, तक्षशिला के स्तर पर पहुंचने में कौन सी चीज रोक रही है। एलुमनाई के सहयोग से पीयू वहां तक पहुंच सकता है। अब समय आ गया है कि इन्हें एक मंच पर लाया जाए। एक बार ऐसा हो जाए तो बड़ा बदलाव आ सकता है।
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उपराष्ट्रपति ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन को कहा कि वह सभी के साथ उपराष्ट्रपति निवास में बैठेंगे और विभिन्न मुद्दों के अलावा प्रमुख तौर पर इस बात पर चर्चा करेंगे कि पीयू को वित्तीय तौर पर मजबूत कैसे बनाया जाए। कहा कि उन्हें पीड़ा होती है कि 2009 में भारत सरकार ने पांच मिलियन यूएस डॉलर अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी को दिया। क्या भारत में यह पैसा किसी यूनिवर्सिटी को नहीं दिया जा सकता था।
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एजेंडा तैयार करें, बातचीत के लिए तैयार
उपराष्ट्रपति ने पूर्व छात्रों से कहा कि वह आगे आएं और पीयू के लिए खड़े हों। कहा कि पूर्व छात्रों के पास वो सबकुछ है, वे पीयू को ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। सुझाव दिया कि पूर्व छात्रों को एक ग्रुप बनाना चाहिए और मुद्दों का एक एजेंडा तैयार करें। वह बातचीत के लिए तैयार हैं। सभी मंथन करेंगे और पीयू को आगे ले जाएंगे। कहा कि हमें ऐसी संस्कृति तैयार करनी होगी कि एक बच्चा जैसे अपनी मां के प्रति आकर्षित होता है, पूर्व छात्र पीयू की तरफ उस तरह से आकर्षित हों।
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उपराष्ट्रपति ने की वीसी की तारीफ
धनखड़ ने कहा कि उनके पास जब पहली बार वीसी के लिए प्रो. रेणु विग का नाम आया था तो उन्होंने आधे घंटे में स्वीकार कर लिया गया था। वीसी बनने के बाद उन्होंने उनसे कहा था कि उनके पास अब मुख्य रूप से दो चुनौतियां आएंगी। सीनेट और सिंडिकेट, क्योंकि वह पश्चिम बंगाल में तीन साल राज्यपाल रहे हैं और उन्होंने इन चुनौतियों को झेला है। धनखड़ ने वीसी प्रो. रेणु विग की काफी तारीफ की। कहा कि उन्होंने जो भी सुझाव दिए, उन्हें वीसी ने धरातल पर उतारा है।


पत्नी की मौजूदगी में इससे ज्यादा नहीं बोल सकता... लगे ठहाके
करीब 30 मिनट बोलने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि पत्नी की मौजूदगी अब वह इससे ज्यादा नहीं बोल सकते। इस पर खूब ठहाके लगे। उन्होंने कहा कि वह उनसे ज्यादा पढ़ी लिखीं हैं। उपराष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने 100 फीसदी स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की है। उन्हें 250 रुपये मिलते थे। दोस्त कहते थे कि 125 रुपये घर भेज दो लेकिन मैंने पूरे पैसे अपनी पढ़ाई पर लगाए। इसी तरह जिन्हें आर्थिक जरूरत की मदद है, उनके लिए रास्ते तैयार करने की जरूरत है।
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