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Chandigarh News: हाईकोर्ट के आदेश के चार महीने बाद भी कुत्तों के शिकार, मुआवजे का कर रहे इंतजार
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चंडीगढ़। कुत्तों के काटने पर मुआवजा देने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नवंबर 2023 में आदेश जारी किए थे। डीसी की अध्यक्षता में समिति बनाने के निर्देश दिए थे, जिसने प्रति दांत 10,000 रुपये और घाव के लिए मुआवजा देने को लेकर फैसला लेना था। करीब चार महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक समिति का गठन नहीं हुआ है, जिसकी वजह से पीड़ित कभी नगर निगम तो कभी एमओएच दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि मुआवजे देने के लिए नगर निगम ने 20 लाख रुपये का बजट रख लिया है।शहर में कुत्तों की समस्या काफी बड़ी है। लगभग सभी सदन की बैठकों में पार्षदों की तरफ से यह मुद्दा उठाया जाता है। पार्षद हरप्रीत कौर बबला ने कई बार प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया है। दूसरी तरफ, नवंबर 2023 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी किया और कहा कि कुत्तों के काटने पर मुआवजा देने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन की है। हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन को मुआवजे का निर्धारण करने के लिए समितियां बनाने के आदेश दिए। जिला स्तर पर ये समितियां संबंधित डिप्टी कमिश्नरों की अध्यक्षता में गठित की जानी थी लेकिन चंडीगढ़ में आज तक समिति का ही गठन नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने कहा था कि मुआवजा के लिए पीड़ितों को डीसी के पास आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने के बाद समिति को चार महीने में तय करना होगा कि पीड़ित को मुआवजा दिया जाना चाहिए या नहीं। कितना मुआवजा दिया जाना है, यह भी समिति ने ही तय करना है। डीसी की तरफ से मुआवजे की राशि तय होने के बाद आदेश नगर निगम के पास जाएगा और फिर वहां से मुआवजे की राशि जारी की जाएगी। समिति के गठन नहीं होने पर डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि वह प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश आने से पहले जिन लोगों को कुत्तों ने काटा है, क्या उन्हें भी मुआवजा मिलेगा। इस पर डीसी ने कहा कि यह भी प्रशासन के आदेश पर भी निर्भर करेगा।
नगर निगम ने मुआवजे के लिए बजट में रखे 20 लाख रुपये
नगर निगम ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट में कुत्तों के काटने पर मुआवजा देने के लिए पहली बार बजट का प्रावधान कर दिया है। इसके लिए 20 लाख रुपये रखे गए हैं। नगर निगम का यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर में कुत्तों के काटने के मामलों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2022 में कुल 5,365 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि 2023 में (12 दिसंबर तक) यह संख्या बढ़कर 10,621 हो गई थी।
हाईकोर्ट ने मुआवजे के लिए यह रेट किए हैं तय
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लावारिस व पालतू कुत्ते के काटने के मामले में प्रति दांत के निशान पर 10 हजार रुपये मुआवजा तय किया है। इसके साथ ही मांस नोचने की स्थिति में प्रति 0.2 सेंटीमीटर के लिए 20 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। मुआवजा राशि जारी होने में देरी न हो इसके लिए हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर प्रशासन की जिम्मेदारी तय की है, हालांकि बाद में इसे संबंधित विभागों या दोषियों से वसूल किया सकेगा।
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नगर निगम ने मुआवजे के लिए बजट में रखे 20 लाख रुपये
नगर निगम ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट में कुत्तों के काटने पर मुआवजा देने के लिए पहली बार बजट का प्रावधान कर दिया है। इसके लिए 20 लाख रुपये रखे गए हैं। नगर निगम का यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर में कुत्तों के काटने के मामलों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2022 में कुल 5,365 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि 2023 में (12 दिसंबर तक) यह संख्या बढ़कर 10,621 हो गई थी।
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हाईकोर्ट ने मुआवजे के लिए यह रेट किए हैं तय
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लावारिस व पालतू कुत्ते के काटने के मामले में प्रति दांत के निशान पर 10 हजार रुपये मुआवजा तय किया है। इसके साथ ही मांस नोचने की स्थिति में प्रति 0.2 सेंटीमीटर के लिए 20 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। मुआवजा राशि जारी होने में देरी न हो इसके लिए हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर प्रशासन की जिम्मेदारी तय की है, हालांकि बाद में इसे संबंधित विभागों या दोषियों से वसूल किया सकेगा।
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