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Chandigarh News: 22 साल बाद भी नहीं हुआ आदेश का पालन, हरियाणा के मुख्य सचिव तलब

Tue, 20 May 2025 06:40 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 20 May 2025 06:40 PM IST
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Even after 22 years the order was not followed Haryana Chief Secretary summoned
-अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को सरकारी आवास में 15 प्रतिशत आरक्षण का मामला
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- मुख्य सचिव को 26 मई 2025 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आदेश जारी होने के 22 साल बाद भी इसका पालन न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है। मामला अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को सरकारी आवास में 15 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा है। इसकी सिफारिश शेठी आयोग ने की थी। कोर्ट ने साफ कहा कि इस आदेश को लागू करने से रोकने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई है।
कोर्ट ने कहा कि रिकाॅर्ड से स्पष्ट है कि शेठी आयोग ने 31 मार्च 2003 को सिफारिश की थी कि सरकारी आवासों के सामान्य पूल में से 15 प्रतिशत आवास न्यायिक कर्मचारियों के लिए आरक्षित किए जाएं और इन्हें संबंधित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अथवा वहां के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी को आवंटन के लिए सौंपा जाए। यह सिफारिश 1 अप्रैल 2003 से लागू भी हो गई थी लेकिन 22 साल बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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कोर्ट ने यह भी पाया कि मई और नवंबर 2022 में सरकार की ओर से दो अधिसूचनाएं जारी की गईं, जिनमें जनरल पूल हाउस का नाम बदलकर स्टेट हेड क्वार्टर पूल कर दिया गया। न्यायालय के अनुसार यह बदलाव आदेशों को दरकिनार करने और अदालत को गुमराह करने की एक स्पष्ट कोशिश थी। कोर्ट ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि सरकार ने जानबूझकर न्यायालय के आदेशों को निष्प्रभावी बनाने का प्रयास किया और यह अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है। यह अवमानना याचिका राजेश चावला ने दायर की थी। याचिका में बताया गया कि 7 सितंबर 2011 को एकल पीठ द्वारा हरियाणा न्यायिक कर्मचारी संघ बनाम हरियाणा राज्य मामले में यह आदेश दिया गया था कि आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। इसके अलावा 7 अक्तूबर 2009 को सर्वोच्च न्यायालय ने भी यह स्पष्ट निर्देश दिया था कि सभी उच्च न्यायालय यह सुनिश्चित करें कि 1 अप्रैल 2003 से आयोग की सिफारिशें लागू हों। इसके साथ ही कोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए उन्हें 26 मई 2025 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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