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Chandigarh News: अब सीएचबी के इंडिपेंडेंट मकानों में हो सकेंगे जरूरी बदलाव, लिफ्ट को मंजूरी

Thu, 17 Sep 2026 02:42 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:42 AM IST
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Essential modifications now permitted in CHB independent houses; lifts approved.
चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के करीब 2800 से 3 हजार इंडिपेंडेंट मकानों में जरूरत के मुताबिक निर्माण और बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बुधवार को इंडिपेंडेंट रेजिडेंशियल यूनिट्स में नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी दे दी। लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद इन मकानों को चंडीगढ़ बिल्डिंग रूल्स-2017 के तहत मरला मकानों के समान दर्जा दिया गया है। वहीं, सीएचबी के फ्लैटों में लिफ्ट लगाने की राह में आ रही सहमति की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। अब लिफ्ट लगाने के लिए सभी रेजिडेंट्स की सहमति जरूरी नहीं होगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने पर सीएचबी को 30 दिन के भीतर फैसला करना होगा।
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बुधवार को हुई बैठक की अध्यक्षता सीएचबी के चेयरमैन कम चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने की। बैठक में वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, उपायुक्त एवं संपदा अधिकारी निशांत कुमार यादव, सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डी. कार्तिकेयन, मुख्य वास्तुकार राजीव मेहता, मुख्य अभियंता सीबी ओझा, सीएचबी सचिव सौरभ कुमार अरोड़ा समेत बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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पहले किए निर्माण को भी मिल सकेगी मंजूरी
जिन लोगों ने इंडिपेंडेंट मकानों में पहले से कोई बदलाव या अतिरिक्त निर्माण किया है, वे सीएचबी में संशोधित नक्शा जमा कर उसकी मंजूरी ले सकेंगे। जो लोग मकान तोड़कर नए सिरे से निर्माण करना चाहते हैं, उन्हें संशोधित नक्शा और बिल्डिंग प्लान स्वीकृत कराना होगा। निर्माण में चंडीगढ़ बिल्डिंग रूल्स-2017 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। इंडिपेंडेंट मकानों के निवासियों की मांग थी कि उन्हें भी मरला मकानों की तरह नीड बेस्ड चेंज की सुविधा मिले। बोर्ड ने समिति की सिफारिश पर इसे मंजूरी दी है। ऐसे मामलों में स्ट्रक्चरल सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया तय की जाएगी। इसके लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी गई है।
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लिफ्ट लगाने की अड़चन वाला क्लॉज हटाया
सीएचबी फ्लैटों में लिफ्ट लगाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। बोर्ड ने बिल्डिंग रूल्स-2017 के तहत लिफ्ट लगाने के प्रावधान को मंजूरी देते हुए उस क्लॉज को हटा दिया, जो इसके लिए सभी रेजिडेंट्स की सहमति या कंसेंट को जरूरी बनाता था। सीएचबी के सीईओ डी. कार्तिकेयन ने बताया कि सभी फ्लैटों और आवासीय इकाइयों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिफ्ट लगाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट को स्व-प्रमाणन योजना के तहत आवेदन करना होगा। सीएचबी आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर निर्णय करेगा। ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) में यह सुविधा उपलब्ध होने तक आवेदन ऑफलाइन भी स्वीकार किए जाएंगे।
लिफ्ट का क्षेत्र एफएआर में शामिल नहीं होगा
लिफ्ट या लिफ्ट वेल के लिए इस्तेमाल होने वाले क्षेत्र को सीएचबी के फ्लैटों में ग्राउंड कवरेज और फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि यह छूट इंडिपेंडेंट रेजिडेंशियल यूनिट्स पर लागू नहीं होगी। लिफ्ट लगाने और उसके रखरखाव का खर्च उठाने में योगदान देने वाले रेजिडेंट्स को प्रस्ताव में शामिल होने और बाद में लिफ्ट का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा। यदि किसी निवासी को लिफ्ट लगाने या उससे जुड़े मामले पर शिकायत है तो उसका निपटारा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (अलॉटमेंट, मैनेजमेंट एंड सेल ऑफ टेनमेंट्स) रेगुलेशन-1979 के क्लॉज-15 के तहत होगा। इसके लिए संबंधित ब्लॉक को पंजीकृत एजेंसी माना जाएगा। बोर्ड के अनुसार ब्लॉक का अर्थ उन सभी आवासीय इकाइयों से है, जिन तक पहुंच एक साझा सीढ़ी से होती है।
आवेदन से कंप्लीशन सर्टिफिकेट तक एसओपी
बोर्ड ने लिफ्ट लगाने की पूरी प्रक्रिया के लिए भी विस्तृत एसओपी मंजूर की है। इसमें आवेदन की जांच, प्रक्रिया पूरी करने और काम समाप्त होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था होगी। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का दावा किया गया है। सीएचबी के अनुसार लिफ्ट की सुविधा से खासकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और चलने-फिरने में परेशानी वाले लोगों को राहत मिलेगी। ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले ऐसे लोगों का आवागमन आसान होगा।

सोलर प्लांट के लिए एनओसी नहीं
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सीएचबी आवासीय इकाइयों की छत पर रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम लगाने को भी मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार की योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसके लिए सीएचबी से पूर्व अनुमति या एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी। लिफ्ट से जुड़े फैसले की समिति की रिपोर्ट और सीएचबी की सिफारिशें अब अंतिम मंजूरी के लिए यूटी प्रशासक के पास भेजी जाएंगी। प्रशासक की मंजूरी के बाद इसका नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
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