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Chandigarh News: सेक्टर-52 से बचकर भागे, दोबारा मुठभेड़ में लगी गोली
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चंडीगढ़/मोहाली। मोहाली में कारोबारी के घर और उसके कारोबारी साझेदार पर हुई फायरिंग का मामला अब चंडीगढ़ में दो पुलिस मुठभेड़ों तक पहुंच गया है। शुक्रवार देर रात करीब 11:15 बजे सेक्टर-52 के इंडियन ऑयल करन फिलिंग प्वाइंट पर खरड़ सीआईए टीम ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। टीम ने करीब चार राउंड फायर किए लेकिन संदिग्ध पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। इसके बाद चंडीगढ़ में दोबारा हुई मुठभेड़ में गाड़ी में सवार मलोया का रहने वाला मनीष गोली लगने से घायल हो गया। उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया जहां उसका ऑपरेशन किया गया। सेक्टर-52 में पहली गोली किसने चलाई, इस पर पुलिस और मनीष के साथ मौजूद उसकी महिला मित्र हरमन के दावे अलग-अलग हैं। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसमें से एक हरियाणा के जींद का रहने वाला है।
सीआईए इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा के अनुसार, पुलिस ने पहले गोली नहीं चलाई। मोहाली में हुई फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज में मनीष की भूमिका सामने आने के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस के मुताबिक मनीष ने फेज-10 में कारोबारी के घर, मकान नंबर 24-59 और जुबली वॉक के मालिक/पार्टनर के घर के बाहर फायरिंग करने वाले आरोपियों को पनाह दी थी। इसी इनपुट पर सीआईए टीम उसका मोहाली से पीछा कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-52 में घेराबंदी के दौरान मनीष ने पहले पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया।
दोस्त बोली- सिविल कपड़ों में पांच युवकों ने घेरा
मनीष के साथ मौजूद उसकी महिला दोस्त हरमन ने पुलिस के दावे से अलग घटनाक्रम बताया। उसके मुताबिक, वह देर रात मनीष के साथ सेक्टर-52 पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने पहुंची थी। कुछ युवक मोहाली से ही उनका पीछा कर रहे थे। पेट्रोल पंप पर सिविल कपड़ों में करीब पांच युवकों ने अचानक मनीष को घेरकर गोलियां चला दीं और उसे गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की। हरमन के अनुसार, मनीष के पेट और पैर में गोली लगी। घायल होने के बावजूद वह गाड़ी चलाकर वहां से निकला और दोस्तों को फोन किया। बाद में उसे पीजीआई ले जाया गया जहां उसका ऑपरेशन हुआ। हरमन ने पीछा करने वालों में कुछ पुलिसकर्मियों के शामिल होने का शक जताया है। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस को चकमा देकर भागा
पुलिस के अनुसार, मनीष का सेक्टर-79 से पीछा करते हुए टीम सेक्टर-52 पेट्रोल पंप तक पहुंची। वहां रोकने की कोशिश की लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस के अनुसार, पीछा करते समय आरोपी ने अपनी इंडेवर (एसयूवी) कार गलत दिशा में भगाई और एक दूसरे वाहन से टकरा गई। इसके बाद सेक्टर-52 में ही दोबारा हुई मुठभेड़ में गाड़ी में सवार मलोया का रहने वाला मनीष गोली लगने से घायल हो गया। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने आरोपी मनीष की गाड़ी जब्त कर ली है। यह गाड़ी मनीष की भाभी के नाम पर है। सेक्टर-36 थाना प्रभारी चिरंजी लाल का कहना है कि मुठभेड़ में घायल मनीष के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अस्पताल से छुट्टी के बाद उसे चंडीगढ़ पुलिस की हिरासत में लिया जाएगा।
तीन दिन में कारोबारी और साझेदार पर फायरिंग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को कारोबारी बलजीत सिंह के फेज-10 स्थित घर पर रंगदारी वसूलने को छह गोलियां चलाई गई थीं। इससे तीन दिन पहले उसके कारोबारी साझेदार को भी फायरिंग कर धमकाने की बात सामने आई थी। पुलिस दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच कर रही है और मनीष की भूमिका भी इसी कड़ी में खंगाली जा रही है। मनीष की बहन वंदना ने बताया कि उसके भाई पर पहले से एफआईआर दर्ज है और वह करीब एक महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। अब सीसीटीवी फुटेज, गोलीबारी की दिशा, बरामद साक्ष्य और फोरेंसिक जांच से यह साफ होगा कि सेक्टर-52 में पहली गोली किसने चलाई थी।
सीआईए इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा के अनुसार, पुलिस ने पहले गोली नहीं चलाई। मोहाली में हुई फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज में मनीष की भूमिका सामने आने के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस के मुताबिक मनीष ने फेज-10 में कारोबारी के घर, मकान नंबर 24-59 और जुबली वॉक के मालिक/पार्टनर के घर के बाहर फायरिंग करने वाले आरोपियों को पनाह दी थी। इसी इनपुट पर सीआईए टीम उसका मोहाली से पीछा कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-52 में घेराबंदी के दौरान मनीष ने पहले पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया।
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दोस्त बोली- सिविल कपड़ों में पांच युवकों ने घेरा
मनीष के साथ मौजूद उसकी महिला दोस्त हरमन ने पुलिस के दावे से अलग घटनाक्रम बताया। उसके मुताबिक, वह देर रात मनीष के साथ सेक्टर-52 पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने पहुंची थी। कुछ युवक मोहाली से ही उनका पीछा कर रहे थे। पेट्रोल पंप पर सिविल कपड़ों में करीब पांच युवकों ने अचानक मनीष को घेरकर गोलियां चला दीं और उसे गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की। हरमन के अनुसार, मनीष के पेट और पैर में गोली लगी। घायल होने के बावजूद वह गाड़ी चलाकर वहां से निकला और दोस्तों को फोन किया। बाद में उसे पीजीआई ले जाया गया जहां उसका ऑपरेशन हुआ। हरमन ने पीछा करने वालों में कुछ पुलिसकर्मियों के शामिल होने का शक जताया है। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस को चकमा देकर भागा
पुलिस के अनुसार, मनीष का सेक्टर-79 से पीछा करते हुए टीम सेक्टर-52 पेट्रोल पंप तक पहुंची। वहां रोकने की कोशिश की लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस के अनुसार, पीछा करते समय आरोपी ने अपनी इंडेवर (एसयूवी) कार गलत दिशा में भगाई और एक दूसरे वाहन से टकरा गई। इसके बाद सेक्टर-52 में ही दोबारा हुई मुठभेड़ में गाड़ी में सवार मलोया का रहने वाला मनीष गोली लगने से घायल हो गया। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने आरोपी मनीष की गाड़ी जब्त कर ली है। यह गाड़ी मनीष की भाभी के नाम पर है। सेक्टर-36 थाना प्रभारी चिरंजी लाल का कहना है कि मुठभेड़ में घायल मनीष के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अस्पताल से छुट्टी के बाद उसे चंडीगढ़ पुलिस की हिरासत में लिया जाएगा।
तीन दिन में कारोबारी और साझेदार पर फायरिंग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को कारोबारी बलजीत सिंह के फेज-10 स्थित घर पर रंगदारी वसूलने को छह गोलियां चलाई गई थीं। इससे तीन दिन पहले उसके कारोबारी साझेदार को भी फायरिंग कर धमकाने की बात सामने आई थी। पुलिस दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच कर रही है और मनीष की भूमिका भी इसी कड़ी में खंगाली जा रही है। मनीष की बहन वंदना ने बताया कि उसके भाई पर पहले से एफआईआर दर्ज है और वह करीब एक महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। अब सीसीटीवी फुटेज, गोलीबारी की दिशा, बरामद साक्ष्य और फोरेंसिक जांच से यह साफ होगा कि सेक्टर-52 में पहली गोली किसने चलाई थी।