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चंडीगढ़ में लीजिए थिएटर फॉर थिएटर फेस्टिवल का मजा

Fri, 31 Jan 2020 02:33 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 02:33 AM IST
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Enjoy theater for theater festival in Chandigarh
चंडीगढ़। थिएटर फॉर थिएटर की ओर से आयोजित 15वां विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दूसरे दिन वीरवार को नाटक ‘चुकाएंगे नहीं’, रूबरू, नुक्कड़ नाटक, फोटो प्रदर्शनी, भंगड़ा क्लास और पपेट शो ने लोगों के दिलो को छू लिया। थिएटर फेस्टिवल बाल भवन सेक्टर- 23 में आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर थिएटर फॉर थिएटर फेस्टिवल के निदेशक सुदेश शर्मा सहित कई जाने माने रंगकर्मी उपस्थित रहे।
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इटली के लेखक दारिया फो का लिखा नाटक और इसका हिंदी में अमिताभ श्रीवास्तव द्वारा अनुवादित नाटक ‘चुकाएंगे नही ’ का मंचन ऑडिटोरियम में किया गया। इस नाटक को सात्विक आर्ट सोसायटी के सरवर अली और अमित सनोरिया द्वारा डायरेक्ट किया गया। यह नाटक महंगाई के ऊपर है। इसमें दिखाया गया कि समय के हिसाब से महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और लोगों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। महंगाई सातवें आसमान को छू रही है और लोग परेशान हैं।
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नाटक में छोेेटे तबके की कहानी है जो मंहगाई की मार झेल रहा है। उसे खाने के लिए कई तरह के पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। अपनों से ही तरह तरह के झूठ बोलने पड़ रहे हैं। कहानी दो महिला लक्ष्मी और बाला की है। परिवार पर आए महंगाई के संकट से इन दोनों महिलाआें पर मार पड़ती दिखाई देती है। दोनों एक दिन एक सुपर मार्केट में खरीदारी के लिए पहुंच जाती है। समान खरीदने के बहाने यह अपने कपड़ोें में वहां उसे खाने पीने का सामान चोरी कर छुपा लेती है। पकड़े जाने के डर से वह वहां के कर्मचारियाें को बताती कि वह पेट से हैं। इस तरह से उन महिलाआें पर कोई शक नहीं करता है और वह वहां से निकल जाती हैं। कुछ समय बाद सुपर मार्केट के लोगाें को चोरी का पता चलता है और वह इसकी सूचना पुलिस को देते हैं। पुलिस कर्मी महिलाआें की छानबीन शुरू कर देते हैं। पुलिस जब इन महिला के पास पहुंची है तो चोरी का समान छुपाने के लिए महिला अपनी गर्भावस्था का बहाना बनाती है। पुलिस उन्हें अस्पताल में लेकर जाती है तो वह रास्ते में पुलिस को गच्चा देकर फरार हो जाती हैं। जब इन महिलाओंके पति को पता लगता है कि उनकी पत्नी अस्पताल में हैंतो वहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। रास्ते में उन्हें ट्रक मिलता है जिस पर दूसरी महिला का पति सवार होता है वह उसे बोलता है कि बॉस ने हम दोंनों को नौकरी से निकाला दिया है। वह बेकार हो गए हैं। वहीं महिला के सुसर को इस पूरी कहानी के बारे में जानकारी होती है और इसका भड़ाफोड़ कर देता है। इस नाटक में माला की भूमिका खुशबू गुलाटी, लक्ष्मी की भूमिका साध्वी चोपड़ा, गोविंद की भूमिका में सरवर अली, जोगी की भूमिका में दुर्गेश अटवाल, इंस्पेक्टर की भूमिका शिवम और सिपाही की भूमिका में राजा ने निभाई। बैक स्टेज पर दिव्यांशु, अर्पण मैत्री रहे।
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पपेट गैलरी ने मन मोहा
थिएटर फेस्टिवल के तहत पपेट गैलरी भी बनाई गई हैं। पपेट आर्टिस्ट शुभाशीष नियोगी और उनकी साथियाें ने इस गैलरी को बनाया है। इसमें कई तरह से पपेट को रखा गया है। इनमें विभिन्न गुड़िया, डायनासोर और खिलौनों को रखा गया है। थिएटर फेस्टिवल में पहुंचे लोगों को ध्यान पपेट गैलरी में रखे पपेट ने अपनी और खींचा। इन पपेट को बनाने मे सुभाशीष के अलावा उनकी टीम मेंबर रघुनाथ, पूनम, नरेश, सुरेखा, प्रगति, अनुपमा, वरूण टंडन और विलोक शामिल रहे।
वर्कशॉप में सीखा भंगड़ा
फेस्टिवल में भंगड़ा प्रशिक्षक गुरप्रीत सिंह प्लाहा ने वर्कशॅाप का आयोजन किया। उन्होंने इसमें मौजूद हर आयु वर्ग में कलाकाराें को भंगड़ा और क्लासिक नृत्य से जुड़ी बारीकियों के बारे में अवगत कराया। पिछले 14 सालों से भंगडा में प्रशिक्षण दे चुके गुरप्रीत ने फोक नृत्य के महत्व बताया। इस दौरान गुरप्रीत ने ढोलकी थाप पर वहां उपस्थित लोगाें ने भंगड़ा केटिप्स दिए।
फेस एक्सपेशन ने खींचा सबका ध्यान
थिएटर फेस्टिवल के दौरान सिटी जानी माने आर्टिस्ट गुरमीत गोल्डी की ओर से बनाए गए फेस एक्सपेशन ने वहां उपस्थित हर किसी का ध्यान अपनी और आकर्षित करने में सफल रहे। गोल्डी ने बताया कि उन्हाेंने प्लास्टिक को प्लेट की शेप में काटा है और उसपर रंगों से ऐसे चित्र बनाए हैं जैसे कि बच्चे बिना टेंशन के अपनी मर्जी से आर्ट वर्क को बनाते हैं।

बंटरवारे और जीवन के संघर्ष पर चर्चा
थिएटर फेस्टिवल के दौरान रूबरू कार्यक्रम में पंजाब कला परिषद के पूर्व चेयरमैन एसएस विर्दी पहुंचे। वहां उपस्थित लोगों के साथ उनकी रूबरू पर चर्चा भी हुई। इस दौरान एसस विर्दी ने अपने जीवन और बंटवारे के दर्द को लेकर चर्चा की। उन्हाेंने बताया कि कैसे उन्हाेंने और उनकेपिता ने बंटवारे को देखा। किस तरह से वह अपना घर छोड़कर जम्मू पहुंचे और फिर वापस पहुंचकर उनके पिता जो डॉक्टर थे, ने बंटवारे में घायलाें का उपचार किया।
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