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हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 08 Sep 2014 08:43 PM IST
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हरियाणा सरकार ने निजी बस चालकों को रूट परमिट देने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। इसके साथ हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की दो दिन से चली आ रही हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई है।
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हड़ताल से 3860 स्थानीय और अंतरराज्यीय बसों के चक्के थमने से सरकार को आठ करोड़ के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। शनिवार से हड़ताल से बेहाल यात्रियों को अब राहत मिल गई है।
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राज्य केपरिवहन मंत्री आफताब अहमद का कहना है कि यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने फिलहाल निजी बस चालकों को नए रूटों पर परमिट दिए जाने के अपने फैसले को स्थगित कर दिया है।
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सरकार के इस निर्णय के बाद रोडवेज कर्मियों ने अपनी हड़ताल वापस ले लिया है। हड़ताल के वापस होने के साथ ही डिपों से बसों का परिचालन शुरू हो गया। इससे लाखों यात्रियों ने राहत की सांस ली है। शनिवार से हड़ताल के कारण अब तक सरकारी खजाने को लगभग आठ करोड़ का नुकसान हुआ है।
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (एचआरडब्लूयू) के अध्यक्ष सरबत सिंह पुनिया ने बताया कि हमने हड़ताल खत्म करने और अपने आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। सरकार निजी बस चालकों के 3519 रूट परमिट निलंबित करने को सहमत हो गई है।
साथ ही सरकार ने इस मुद्दे को अगली सरकार पर छोड़ने का निर्णय किया है। पुनिया ने कहा कि इस फैसले के बाद हरियाणा रोडवेज बस सेवा दोपहर से सामान्य होनी शुरू हो गई और देर शाम तक डिपो से सभी 3860 बसें सड़कों पर आ गई थीं।
हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, जिससे राज्य में बस सेवा ठप हो गई थी। रोडवेज कर्मचारी राज्य सरकार के निजी बस चालकों को 3,519 रूट परमिट की अनुमति देने का विरोध कर रहे थे। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर वे लगातार संघर्ष कर रहे थे।
इस पर सरकार ने पहले भी आश्वासन दिया था कि नए रूटों पर निजी क्षेत्र को परमिट जारी करने से पहले रोडवेज कर्मियों के नेताओं से बात की जाएगी। इसकेबावजूद सरकार ने बिना बातचीत केही नए रूटों पर परमिट देना शुरू कर दिया था।