हरियाणा में फिर हुंकार भरेंगे कर्मचारी, प्रदर्शनों के बाद हड़ताल, जानें क्या है मांग
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अपनी मांगों के समर्थन में हरियाणा के कर्मचारी फिर से हुंकार भरेंगे। इसके लिए सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी व उप महासचिव सबिता मलिक ने बताया कि हड़ताल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए 19 दिसंबर तक सभी जिलों व ब्लाकों मे कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और 20 दिसंबर को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर नोटिस दिवस मनाया जाएगा। जिसके तहत 20 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
उनके अनुसार प्रदर्शनों के बाद 8 जनवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का मुख्य सचिव हरियाणा सरकार के नाम नोटिस जिला उपायुक्तों को सौंपे जाऐंगे। उन्होंने बताया कि इसी दिन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित सभी विभागीय यूनियन एवं एसोसिएशन अपने अपने विभागाध्यक्ष को हड़ताल का नोटिस देंगें।
प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि तैयारियों के अगले चरण में 21 दिसंबर से 6 जनवरी तक सभी कर्मचारियों एवं मजदूरों से संपर्क करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत सभी विभागों, बोर्डों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, पंचायती राज संस्थाओं, पंचायत समितियों, बिजली घरों, अस्पतालों में गेट मीटिंग की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिला स्तर पर मजदूर संगठन सीटू व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के संयुक्त जत्थे चलाएं जाएंगे।
इन मांगों को लेकर बुलंद होगी आवाज
- एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
- सभी प्रकार के पार्ट टाइम व अनुबंध कर्मचारियों को पक्का किया जाए व पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
- पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन को लागू व वेतन विसंगति दूर हो।
- एक्सग्रेसिया रोजगार नीति में उम्र व सेवा की लगाई गई शर्त वापस ली जाए।
- कैशलेश मेडिकल सुविधा कर्मचारियों, पेंशनर्ज व उनके आश्रितों को सभी बीमारियों के इलाज पर वास्तविक खर्च पर लागू की जाए।
- नियमित भर्ती के बाद हटाए गए सभी कच्चे कर्मचारियों को वापस सेवा में लिया जाए। नियमित भर्ती केवल खाली पदों पर की जाए।
- रोडवेज में किलोमीटर स्कीम, साफ पीने के पानी की जिम्मेदारी पंचायतों पर डालने के निर्णय सहित जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- मकान किराया भत्ता जनवरी 2016 से लागू कर बकाया का भुगतान किया जाए।