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वार्ता विफल के बाद फैसला: पंजाब में बड़े आंदोलन की तैयारी में कर्मचारी, मानसून सत्र का करेंगे विरोध

Mon, 09 Aug 2021 03:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 09 Aug 2021 03:22 PM IST
सार

पंजाब सरकार की कैबिनेट उपसमिति की ओर से कर्मचारियों को 15 फीसदी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है, जिसको मोर्चा खारिज कर चुका है। साथ ही तय किया है कि विभिन्न श्रेणियों के लिए संयुक्त मोर्चा द्वारा मांगे गए गुणांक को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार अकुशल कर्मचारियों, मानदेय कर्मचारियों को बनाए रखने और न्यूनतम वेतन कानून को लागू करने सहित वेतन आयोग की मांगों का पालन नहीं कर रही है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Employees plan for big agitation against government in Punjab
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कैबिनेट उपसमिति के साथ वार्ता विफल होने के बाद पंजाब के कर्मचारी अब बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सितंबर तक के आंदोलन की रूपरेखा बना ली है। अगस्त में होने वाले मानसून सत्र का भी कर्मचारी संगठन विरोध करेंगे। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो सत्र के दौरान पंजाब भर से एक लाख कर्मचारी चंडीगढ़ की ओर कूच करेंगे। 13 अगस्त से प्रदेश स्तरीय आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

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पिछले काफी समय से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। सरकार की ओर से कर्मचारियों को मनाने की कैबिनेट उपसमिति के जरिए बैठकें की जा रही हैं। कई दौर की वार्ता के बाद भी सरकार और कर्मचारी संगठनों में सहमति नहीं बन पा रही है। हाल ही में हुई उपसमिति की बैठक में वार्ता विफल हो जाने के बाद अब कर्मचारी संगठन बड़े आंदोलन की तैयारियों में जुट गए हैं। 
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पंजाब-यूटी कर्मचारी और पेंशनभोगी संयुक्त मोर्चा के संयोजक सुखजीत सिंह ने मांगों के बारे में बताया कि संगठन कर्मचारियों के हितों के अनुरूप छठे वेतन आयोग में संशोधन करना, विभागीय पदों पर सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, विभिन्न विभागों में कार्यरत मानदेय कर्मियों पर न्यूनतम वेतन कानून लागू करना, पुरानी पेंशन योजना को लागू करना, केंद्रीय वेतनमान के बजाय पंजाब वेतनमान लागू करने और पुनर्गठन की आड़ में विभिन्न विभागों में रिक्तियों को समाप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार उनकी कोई भी मांग मानने को तैयार नहीं है, जिसके कारण संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने आंदोलन की रणनीति बनाई है।
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यह है आंदोलन की रूपरेखा

  • 13 अगस्त को पंजाब भर में तहसील स्तरीय रैलियां
  • 19 से 23 अगस्त तक जिला स्तरीय बड़ी रैलियां
  • 4 से 12 सितंबर तक पेन डाउन-टूल डाउन हड़ताल
  • अगस्त में होने वाले मानसून सत्र में विधानसभा पर विरोध
  • सत्र के दौरान पंजाब भर में प्रदेश स्तरीय रैलियों का आयोजन
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