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Chandigarh News: मांगों की अनदेखी पर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में कर्मचारी महासंघ

Tue, 20 Aug 2024 07:13 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2024 07:13 PM IST
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Employees federation preparing for nationwide movement on ignoring demands.
बजट में मांगों को शामिल नहीं करने पर दोबारा से सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी
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चंडीगढ़। बजट में प्रमुख मांगों की अनदेखी से नाराज़ अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। फैसले के अनुसार राज्य कर्मचारियों की ओर से 26 सितंबर को अखिल भारतीय मांग दिवस का आयोजन होगा। मांग दिवस पर सभी राज्यों के सरकारी विभागों एवं पीएसयू में विरोध सभाएं आयोजित कर प्रदर्शन किए जाएंगे। आंदोलन की अगली कड़ी में सभी राज्यों में राज्य, जिला व खंड स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे। इनमें कर्मियों को पुरानी पेंशन, आठवां पे कमीशन, 18 महीने के बकाया डीए, डीआर व ठेका संविदा कर्मियों की रेगुलराइजेशन, निजीकरण पर रोक आदि मांगों पर सरकार के रवैए से अवगत कराया जाएगा और कार्यकर्ताओं से आंदोलन तेज करने का आह्वान किया जाएगा।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से पूर्व महासंघ ने प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों व पेंशनर्स की प्रमुख मांगों से अवगत कराते हुए बजट में उक्त मांगों को शामिल करने की मांग की थी। लेकिन राज्य कर्मियों की ओर से लिखे गए पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। इससे नाराज कर्मचारियों को दोबारा से आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा।
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ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए और राजस्थान, छत्तीसगढ़ व झारखंड राज्यों को उनका जमा अंशदान वापस किया जाए व ईपीएस 95 के पेंशनर्स को पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल किया जाए। सभी ठेका संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए और ठेका, आउटसोर्स, डेली वेजिज आधार पर की जा रही नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए। सभी विभागों व पीएसयू में रिक्त पदों को स्थाई भर्ती से भरकर बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए। सभी सरकारी विभागों व पीएसयू के निजीकरण व निगमीकरण पर रोक लगाई जाए।
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