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मांगें न माने जाने पर फूंका प्रशासन का पुतला
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चंडीगढ़। कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ के बैनर तले वीरवार को कर्मचारियों ने प्रशासन का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। कर्मचारी पहले सेक्टर-16 के इलेक्ट्रिकल बूथ पर एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए मटका चौक के पास पहुंचे और उसके बाद पुतला दहन किया। इस दौरान कोआर्डिनेशन कमेटी ने घोषण की कि 10 दिसंबर को कर्मचारी गवर्नर हाउस की ओर कूच करेंगे। बाद में कर्मचारियों ने प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन अनिल कुमार ने कहा कि यदि प्रशासन कर्मचारियों की जायज मांगें नहीं मानी गईं तो सभी विभागों में चंडीगढ़ प्रशासन के पुतले फूंके जाएंगे। विरोध प्रदर्शन कर रहे कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने भरोसा दिया कि 11 नवंबर को सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाकर उनकी मांगों का हल निकाला जाएगा।
उधर, कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने जैम पोर्टल के ठेकेदारों को ठेक कर्मचारियों से लूट की खुली छूट दे रखी है। इससे कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है, जिसे रोकने में प्रशासन नाकाम है। जबकि प्रशासन ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। ठेकेदार कर्मचारियों की सैलरी से गैरकानूनी कटौती कर रहे हैं। मिड डे मील कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं प्रशासन डीसी रेट बढ़ाने के फैसले से पीछे हट रहा है। साथ ही कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को पंजाब की तर्ज पर नौकरी दी जाए। नगर निगम में स्मार्ट घड़ी सिस्टम के जरिए कर्मचारियों को जलील करना बंद किया जाए और खाली पदों को भरा जाए। डेलीवेज, वर्कचार्ज और ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाए। डीए जारी किया जाए। साथ ही बिजली विभाग और सीटीयू को निजीकरण करना बंद किया जाए।
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रोष प्रदर्शन में इलेक्ट्रिकल वर्कमैन यूनियन के प्रधान किशोरी लाल, चेयरमैन वरिंदर विष्ट, दलजीत सिंह, रजिंदर कुमार, चरणजीत सिंह, रघवीर सिंह, दविंदर सिंह, गुरमेल सिंह, वीर सिंह, दविंद राणा, हरि मोहन, छोटे लाल, बदाम सिंह, सुरिंदर सिंह, राहुल वैद, हरप्रीत सिंह, मामराज, माइकल, सुलतान, विशाल, शीशपाल, करमजीत सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
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कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन अनिल कुमार ने कहा कि यदि प्रशासन कर्मचारियों की जायज मांगें नहीं मानी गईं तो सभी विभागों में चंडीगढ़ प्रशासन के पुतले फूंके जाएंगे। विरोध प्रदर्शन कर रहे कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने भरोसा दिया कि 11 नवंबर को सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाकर उनकी मांगों का हल निकाला जाएगा।
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उधर, कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने जैम पोर्टल के ठेकेदारों को ठेक कर्मचारियों से लूट की खुली छूट दे रखी है। इससे कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है, जिसे रोकने में प्रशासन नाकाम है। जबकि प्रशासन ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। ठेकेदार कर्मचारियों की सैलरी से गैरकानूनी कटौती कर रहे हैं। मिड डे मील कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं प्रशासन डीसी रेट बढ़ाने के फैसले से पीछे हट रहा है। साथ ही कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को पंजाब की तर्ज पर नौकरी दी जाए। नगर निगम में स्मार्ट घड़ी सिस्टम के जरिए कर्मचारियों को जलील करना बंद किया जाए और खाली पदों को भरा जाए। डेलीवेज, वर्कचार्ज और ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाए। डीए जारी किया जाए। साथ ही बिजली विभाग और सीटीयू को निजीकरण करना बंद किया जाए।
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रोष प्रदर्शन में इलेक्ट्रिकल वर्कमैन यूनियन के प्रधान किशोरी लाल, चेयरमैन वरिंदर विष्ट, दलजीत सिंह, रजिंदर कुमार, चरणजीत सिंह, रघवीर सिंह, दविंदर सिंह, गुरमेल सिंह, वीर सिंह, दविंद राणा, हरि मोहन, छोटे लाल, बदाम सिंह, सुरिंदर सिंह, राहुल वैद, हरप्रीत सिंह, मामराज, माइकल, सुलतान, विशाल, शीशपाल, करमजीत सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।