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अब इलेक्ट्रॉनिक टूल करेगा महिलाओं की सुरक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Jul 2016 09:56 PM IST
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महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है ये शहर
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छेड़छाड़, अपहरण या किसी भी आपराधिक घटना से बचाव के लिए महिलाएं एक खास सुरक्षा उपकरण का उपयोग कर सकेंगी। कैलिफोर्निया में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र ए. गणेशन ने एक ऐसा सेफ्टी टूल इजाद किया है, जिसे महिलाएं कलाई या लॉकेट में पहन सकती हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में बटन दबाते ही सभी महत्वपूर्ण नंबरों पर अलर्ट चला जाएगा। खास बात यह है कि यह उपकरण प्रत्येक दो मिनट में उस महिला की लोकेशन की भी जानकारी मुहैया कराने में सक्षम है।
गुड़गांव पुलिस की एसीपी धारणा यादव ने बताया कि यह उपकरण महिलाओं को किसी भी हालात से निपटने में सक्षम बनाएगा। इसकी शुरुआत गुड़गांव से जल्द की जाएगी, ताकि महिला अपराधों पर शिकंजा कसा जा सके। इसके लिए जल्द वर्कशॉप का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि इस्तेमाल के बारे में पूरी जानकारी दी जा सके। वुमेन सेफ्टी एप तैयार करने वाली कंपनी के ए गणेशन की मानें तो यह ऐप देश में महिलाओं को सुरक्षित सफर का मौका देगा। इसके जरिये कहीं भी विपरीत हालात से निपटना संभव होगा। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत करीब 1000 रुपये होगी।
महिला थाने में अधिकतर मामले घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के
एसीपी ममता सोंधा के मुताबिक पिछले करीब एक वर्ष के दौरान पंचकूला स्थित महिला थाने में करीब 100 शिकायतें आईं। इनमें अधिकतर मामले घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामले थे। उन्होंने बताया कि महिला थानों में महिलाओं को अपनी बातें कहने का पूरा मौका मिलता है। कई शिकायतों पर सुनवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो जाता है। थानों की शुरुआत से महिलाओं के आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई है।
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गुड़गांव पुलिस की एसीपी धारणा यादव ने बताया कि यह उपकरण महिलाओं को किसी भी हालात से निपटने में सक्षम बनाएगा। इसकी शुरुआत गुड़गांव से जल्द की जाएगी, ताकि महिला अपराधों पर शिकंजा कसा जा सके। इसके लिए जल्द वर्कशॉप का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि इस्तेमाल के बारे में पूरी जानकारी दी जा सके। वुमेन सेफ्टी एप तैयार करने वाली कंपनी के ए गणेशन की मानें तो यह ऐप देश में महिलाओं को सुरक्षित सफर का मौका देगा। इसके जरिये कहीं भी विपरीत हालात से निपटना संभव होगा। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत करीब 1000 रुपये होगी।
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महिला थाने में अधिकतर मामले घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के
एसीपी ममता सोंधा के मुताबिक पिछले करीब एक वर्ष के दौरान पंचकूला स्थित महिला थाने में करीब 100 शिकायतें आईं। इनमें अधिकतर मामले घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामले थे। उन्होंने बताया कि महिला थानों में महिलाओं को अपनी बातें कहने का पूरा मौका मिलता है। कई शिकायतों पर सुनवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो जाता है। थानों की शुरुआत से महिलाओं के आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई है।
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