{"_id":"61f7fb8f65800b7b30439ace","slug":"electricity-workers-will-go-on-strike-may-take-a-long-cut-chandigarh-news-pkl440718359","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल पर जाएंगे बिजली कर्मचारी, लग सकता लंबा कट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल पर जाएंगे बिजली कर्मचारी, लग सकता लंबा कट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। बिजली विभाग को निजी हाथों में देने के खिलाफ मंगलवार को बड़ी हड़ताल होने जा रही है। यूटी पावरमैन यूनियन ने 24 घंटे के हड़ताल की घोषणा की है। प्रशासन भी इसे लेकर सतर्क हो गया है और कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही लोगों को परेशानी से बचाने के लिए कई हेल्पलाइन जारी किए हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली संकट पैदा हो सकता है।
तीनों शिफ्टों में काम करने वाले कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे, यानी अगर मंगलवार सुबह या दोपहर में बिजली कटती है तो उसे ठीक करने कर्मचारी रात 12 बजे के बाद ही आएंगे। ये हड़ताल केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ के बिजली विभाग के निजीकरण की फाइल को क्लीयर कर बिजली का काम निजी कंपनी एमीनेंट को देने के खिलाफ है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 16 फरवरी 2021 को दिए फैसले का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट निर्णय दिया था कि प्रशासन द्वारा किया गया कोई भी फैसला व कार्यवाही हाईकोर्ट द्वारा दिए जाने वाले अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी, लेकिन प्रशासन ने इस आदेश की अनदेखी कर बिजली विभाग के निजीकरण के लिए जारी किए गए टेंडर के वित्तीय बोली को खोल दिया। यही नहीं, केंद्र सरकार को अंधेरे में रखकर उस पर कैबिनेट की मुहर भी लगवा ली गई है, जो सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना है।
विज्ञापन
प्रशासन की चेतावनी- काम नहीं तो वेतन नहीं
यूटी पावरमैन यूनियन के हड़ताल के एलान के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कर्मचारियों को हिदायत दी है कि वह काम पर लौट आएं, वरना उन्हें उस दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा। साथ ही प्रशासन ने यह भी कहा है की हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। उधर, कर्मचारियों की मांग है कि बिजली विभाग का निजीकरण रद्द किया जाए और कर्मचारियों का संशोधित वेतनमान लागू किया जाए।
कर्मचारी ही हड़ताल पर तो हेल्पलाइन का क्या फायदा
निजीकरण की प्रक्रिया के शुरू होने के बाद यूटी पावरमैन यूनियन कई बार हड़ताल कर चुकी है। हर बार प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी करता है। अप्रैल 2021 में भी एक बड़ी हड़ताल की गई थी। उस दिन सुबह ही शहर के कई हिस्सों में एक साथ बिजली गुल हो गई थी और लोगों को बिजली के लिए 10 से 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। लोग हेल्पलाइन नंबरों पर दिनभर कॉल करते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ यही जवाब मिला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसलिए यह सवाल उठता है कि जब कर्मचारी ही हड़ताल पर रहेंगे तो प्रशासन की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी करने का क्या फायदा?
आज बिजली जाए तो इन नंबरों पर कर सकते हैं कॉल
- सेक्टर-17 कंट्रोल रूम : 0172-2703242
- सेक्टर-9 कंट्रोल रूम : 0172-2740475, 9779152283
- नागरिक सुविधा केंद्र : 0172-4639999
विज्ञापन
तीनों शिफ्टों में काम करने वाले कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे, यानी अगर मंगलवार सुबह या दोपहर में बिजली कटती है तो उसे ठीक करने कर्मचारी रात 12 बजे के बाद ही आएंगे। ये हड़ताल केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ के बिजली विभाग के निजीकरण की फाइल को क्लीयर कर बिजली का काम निजी कंपनी एमीनेंट को देने के खिलाफ है।
विज्ञापन
यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 16 फरवरी 2021 को दिए फैसले का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट निर्णय दिया था कि प्रशासन द्वारा किया गया कोई भी फैसला व कार्यवाही हाईकोर्ट द्वारा दिए जाने वाले अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी, लेकिन प्रशासन ने इस आदेश की अनदेखी कर बिजली विभाग के निजीकरण के लिए जारी किए गए टेंडर के वित्तीय बोली को खोल दिया। यही नहीं, केंद्र सरकार को अंधेरे में रखकर उस पर कैबिनेट की मुहर भी लगवा ली गई है, जो सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना है।
विज्ञापन
प्रशासन की चेतावनी- काम नहीं तो वेतन नहीं
यूटी पावरमैन यूनियन के हड़ताल के एलान के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कर्मचारियों को हिदायत दी है कि वह काम पर लौट आएं, वरना उन्हें उस दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा। साथ ही प्रशासन ने यह भी कहा है की हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। उधर, कर्मचारियों की मांग है कि बिजली विभाग का निजीकरण रद्द किया जाए और कर्मचारियों का संशोधित वेतनमान लागू किया जाए।
कर्मचारी ही हड़ताल पर तो हेल्पलाइन का क्या फायदा
निजीकरण की प्रक्रिया के शुरू होने के बाद यूटी पावरमैन यूनियन कई बार हड़ताल कर चुकी है। हर बार प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी करता है। अप्रैल 2021 में भी एक बड़ी हड़ताल की गई थी। उस दिन सुबह ही शहर के कई हिस्सों में एक साथ बिजली गुल हो गई थी और लोगों को बिजली के लिए 10 से 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। लोग हेल्पलाइन नंबरों पर दिनभर कॉल करते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ यही जवाब मिला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसलिए यह सवाल उठता है कि जब कर्मचारी ही हड़ताल पर रहेंगे तो प्रशासन की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी करने का क्या फायदा?
आज बिजली जाए तो इन नंबरों पर कर सकते हैं कॉल
- सेक्टर-17 कंट्रोल रूम : 0172-2703242
- सेक्टर-9 कंट्रोल रूम : 0172-2740475, 9779152283
- नागरिक सुविधा केंद्र : 0172-4639999