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Hindi News ›   Chandigarh ›   Electricity Meter Scam in Haryana

हरियाणाः तत्कालीन कंट्रोलर ऑफ स्टोर ने मीटरों के सैंपल भेजे तो पकड़ा गया 112 करोड़ का घोटाला

Wed, 31 Jul 2019 12:09 PM IST
खुशबू गोयल कपिल भारतीय, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
कपिल भारतीय, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 31 Jul 2019 12:09 PM IST
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Electricity Meter Scam in Haryana
फाइल फोटो
हरियाणा बिजली निगम के स्टोर के कंट्रोलर पद पर 12 जनवरी 2017 को नियुक्त किए गए केडी बंसल ने जीनस व एलऐंडटी कंपनी के मीटरों के सैंपल भेजकर उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठा दिए थे। बाद में मीटर एंटी टेंपर टेस्ट में फेल हो गए और इस तरह 112 करोड़ रुपये के मीटर घोटाले की परतें खुलने लगीं।
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केडी बंसल की इसी कार्रवाई से नाराज होकर इस घोटाले में विजिलेंस द्वारा दोषी करार दिए गए चीफ इंजीनियर आरके जैन ने सीएमडी शत्रुजीत कपूर से शिकायत कर दी थी। इसके बाद मात्र 28 दिन बाद ही केडी बंसल को स्टोर कंट्रोलर के पद से हटाकर निगम की ही कंज्यूमर ग्रीवेंस रेडरेशल फॉर्म का चेयरमैन लगा दिया गया था।
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इस तरह होता है मीटरों के सैंपलिंग में हेरफेर
बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो मैटीरियल मैनेजमेंट (एमएम) विंग की ओर से जिस भी कंपनी से मीटर खरीदने के लिए ठेका दिया जाता है, उसकी ओर से हिसार मुख्यालय स्थित स्टोर में मीटर भेजे जाते हैं। इन मीटरों में डिफेक्टिव व सही दोनों तरह के मीटर होते हैं।
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अगर अधिकारी कंपनी को फायदा पहुंचाना चाहे तो खराब के बजाय सही मीटरों को अलग छांटकर सैंपलिंग व इंस्पेक्शन के लिए भेज देते हैं। इसके बाद रिपोर्ट सही आ जाती है और कंपनी के सैंपल पास हो जाते हैं। मगर केडी बंसल ने छांटने के बजाय रेंडमली सैंपलिंग करवा दी।

10 फरवरी 2017 को आ गए थे ट्रांसफर ऑर्डर

एसई केडी बंसल पलवल में तैनात थे। इसके बाद उन्हें हिसार मुख्यालय स्थित स्टोर का कंट्रोलर 12 जनवरी 2017 को लगाया गया। 28 दिन बाद 10 फरवरी 2017 को उनके सीएमडी की ओर से ट्रांसफर ऑर्डर जारी हो गए। उन्हें सीजीआरफ का चेयरमैन लगा दिया गया। बंसल ने 30 मार्च 2017 को सीजीआरएफ चेयरमैन पद पर ज्वाइन किया और उसके बाद से अभी तक इसी पद पर बने हुए हैं।

चीफ इंजीनियर अपनी पसंद के अधिकारी को कंट्रोलर लगवाने पर देते थे जोर
सूत्रों के मुताबिक इस घोटाले में विजिलेंस जांच में दोषी करार दिए जा चुके चीफ इंजीनियर आरके जैन उसी अधिकारी को कंट्रोलर ऑफ स्टोर के पद पर लगवाने पर जोर देते थे, जो उनके अनुसार काम करें। इस समय भी स्टोर कंट्रोलर के पद पर वह अधिकारी तैनात है, जिसको विजिलेंस जांच में दोषी करार दिया जा चुका है।
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