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निजीकरण का विरोध: चंडीगढ़ में आज बिजली विभाग की हड़ताल, बिजली कटी तो रात से पहले नहीं आएगी

Tue, 10 Aug 2021 01:57 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 10 Aug 2021 01:57 AM IST
सार

यूटी पावरमैन यूनियन पिछले एक साल में कई बार हड़ताल कर चुकी है, हर बार प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी करता है। अप्रैल 2021 में भी एक बड़ी हड़ताल की गई थी। इस दिन सुबह ही शहर के कई हिस्सों में एक साथ बिजली गुल हो गई थी।

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Power department strike in Chandigarh today
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

बिजली विभाग को निजी हाथों में देने के खिलाफ मंगलवार को सबसे बड़ी हड़ताल होने जा रही है। यूटी पावरमैन यूनियन ने काम छोड़कर सभी बिजलीकर्मियों से सेक्टर-17 पहुंचने का आह्वान किया है। कई अन्य विभागों के कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल होंगे।

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प्रशासन भी इसे लेकर अलर्ट हो गया है और कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही कई हेल्पलाइन जारी किए हैं। वहीं, कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण बिजली संकट पैदा हो सकता है।
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बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के आह्वान पर ये हड़ताल बुलाई गई है। पहले 24 घंटे के हड़ताल का एलान था लेकिन सोमवार रात इसमें बदलाव कर हड़ताल को मंगलवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक का कर दिया गया। अब अगर मंगलवार सुबह या दोपहर में बिजली कटती है तो उसे ठीक करने कर्मचारी शाम या रात को ही आएंगे।
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यूटी प्रशासन ने वर्ष 2019 में बिजली विभाग को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू की थी। वर्ष 2020 में कोरोना ने दस्तक दी तो प्रक्रिया थम गई। 9 नवंबर 2020 को प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने इच्छुक कंपनियों से आवेदन मांगे।

वहीं, निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने दो बाद रोक लगाई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोनों बार हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया। अब निजीकरण की प्रक्रिया तेज होने पर यूटी पावरमैन यूनियन ने हड़ताल का एलान किया है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने कर्मचारियों को हिदायत दी है कि वह काम पर लौट आएं, वरना उन्हें उस दिन की तनख्वाह नहीं दी जाएगी। साथ ही प्रशासन ने यह भी कहा है की गलती करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

कर्मचारी ही हड़ताल पर तो हेल्पलाइन का क्या फायदा
यूटी पावरमैन यूनियन पिछले एक साल में कई बार हड़ताल कर चुकी है, हर बार प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी करता है। अप्रैल 2021 में भी एक बड़ी हड़ताल की गई थी। इस दिन सुबह ही शहर के कई हिस्सों में एक साथ बिजली गुल हो गई थी।

लोगों को बिजली के लिए 10 से 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। लोग हेल्पलाइन नंबरों पर दिनभर कॉल करते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ यही जवाब मिला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसलिए यह सवाल उठता है कि जब कर्मचारी ही हड़ताल पर होते हैं तो बिजली प्रशासन की तरफ से हेल्पलाइन नंबर क्यों जारी किए जाते हैं।

175 करोड़ की कंपनी को खरीदने के लिए 871 करोड़ की लगी है बोली
चंडीगढ़ के बिजली विभाग को खरीदने के लिए एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने 871 करोड़ की बोली लगाई है। यूटी प्रशासन ने विभाग को निजी हाथों में देने के लिए करीब 175 करोड़ का रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार किया था लेकिन दौड़ में शामिल अन्य छह कंपनियों को पछाड़ते हुए एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी ने सबसे अधिक बोली लगाई है।

बीते बुधवार को बिजली विभाग को खरीदने के लिए आवेदन करने वाली सात कंपनियों की ओर से जमा किए गए वित्तीय बोली को खोला गया। इसमें कोलकाता विद्युत आपूर्ति निगम के स्वामित्व वाली कंपनी एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड की बोली अन्य सभी कंपनियों से अधिक रही थी।

सोमवार को इंपावर्ड कमेटी ने भी दी मंजूरी, अब सिर्फ प्रशासक की सहमति का इंतजार

बिजली विभाग के निजीकरण पर गठित हाईलेवल इंपावर्ड कमेटी ने सोमवार को एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड द्वारा लगाई सबसे अधिक बोली को अपनी मंजूरी दे है।

अब सिर्फ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की ही मंजूरी का इंतजार है। प्रशासन अब प्रशासक के पास फाइल भेजेगा। प्रशासक से सहमति मिलते ही आखिरी मुहर के लिए मामले को ऊर्जा मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। हालांकि, सबसे ज्यादा बोली लगाने की वजह से माना जा रहा है कि एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ही बिजली आपूर्ति का काम मिलेगा।

ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें

  • बिजली अमेंडमेंट बिल वापस लिया जाए
  • बिजली विभाग का निजीकरण रद्द किया जाए
  • बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को फ्रेंचाइजी के तौर पर दिए गए लाइसेंस रद्द किए जाएं
  • केरल व हिमाचल की तर्ज पर जेनरेशन, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन का एकीकरण किया जाए
  • सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का किया जाए
  • पक्का करने तक बराबर काम-बराबर वेतन दिया जाए
  • 5 प्रतिशत सीलिंग खत्म कर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दी जाए
  • 6 साल से निलंबित एएई श्याम लाल को बहाल किया जाए
  • कर्मचारियों की सेवा शर्तें सुरक्षित करने के लिए पॉलिसी बनाने तक टेंडर प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए
  • विभाग में रिक्त सभी पदों को प्रोमोशन से भरा जाए


आज बिजली जाए तो इन नंबरों पर करें कॉल

  • सेक्टर-17 कंट्रोल रूम : 0172-2703242
  • सेक्टर-9 कंट्रोल रूम : 0172-2740475, 9779152283
  • नागरिक सुविधा केंद्र : 0172-4639999
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