{"_id":"64bae684dfd22b5ae9088734","slug":"electricity-department-again-raided-nayagaon-shopkeepers-protested-chandigarh-news-c-71-1-mli1001-3224-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: बिजली विभाग ने फिर नयागांव में मारा छापा, दुकानदारों ने जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: बिजली विभाग ने फिर नयागांव में मारा छापा, दुकानदारों ने जताया विरोध
विज्ञापन
नयागांव। इलाके में दूसरे दिन भी बिजली विभाग ने छापेमारी की। इसके बाद नयागांव मार्केट में हलचल मच गई। चालान से बचने के चलते सभी ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। वहीं बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए 3-4 लोगों के चालान काटे और घरों का लोड चेक किया। इसके बाद दुकानदारों ने इकट्ठा होकर रोज-रोज विभाग के खौफ से बचने के लिए हल निकालने पर चर्चा की।जानकारी के अनुसार, इलाके में बिजली के नए कनेक्शन और कॉमर्शियल कनेक्शन पर सरकार ने रोक लगा रखी है। इसके बावजूद डीलर रोड के किनारों वाली जगहों पर कॉमर्शियल प्लॉट काटकर दोगने रेटों में बेच देते हैं। दुकान लेने वालों को बाद में पता चलता कि यहां कॉमर्शियल मीटर नहीं मिलेगा और मजबूरी में उन्हें घरेलू मीटर लेना पड़ता है। वहीं, शिव शक्ति मार्केट के दुकानदारों का इस बारे में कहना है कि अगर इलाके में कॉमर्शियल मीटर मिलने ही नहीं हैं तो नगर परिषद दुकानों के प्लॉट क्यों कटने दे रही है।
भाजपा नेता बोले- वोट बटोरने का प्रदेश सरकार का जुगाड़
इस बारे में भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने यह स्टंट खेला है। पिछले काफी समय से कई सरकारें ऐसा कर चुकी हैं। वह चुनाव से पहले लोगों में बिजली विभाग की कार्रवाई का डर दिखाती हैं। इसके बाद जल्द ही व्यापारिक इमारतों को काॅमर्शियल मीटर देने का आश्वासन दिया जाता है। इसके साथ ही चुनाव से करीब दो-तीन महीने पहले घरेलू कनेक्शन मिलना भी शुरू हो जाते हैं। ऐसा कर वोट बैंक सुधारने की कोशिश की जाती है।
विज्ञापन
भाजपा नेता बोले- वोट बटोरने का प्रदेश सरकार का जुगाड़
इस बारे में भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने यह स्टंट खेला है। पिछले काफी समय से कई सरकारें ऐसा कर चुकी हैं। वह चुनाव से पहले लोगों में बिजली विभाग की कार्रवाई का डर दिखाती हैं। इसके बाद जल्द ही व्यापारिक इमारतों को काॅमर्शियल मीटर देने का आश्वासन दिया जाता है। इसके साथ ही चुनाव से करीब दो-तीन महीने पहले घरेलू कनेक्शन मिलना भी शुरू हो जाते हैं। ऐसा कर वोट बैंक सुधारने की कोशिश की जाती है।
विज्ञापन