Election Results Haryana : जाटलैंड में भी भाजपा ने बनाई राह, देशवाली में दो और बांगर में तीन सीटों का फायदा
जीटी बेल्ट की 23 सीटों में से भाजपा ने 14 और अहीरवाल की 11 सीटों में से 10 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। जाटलैंड में भाजपा की गैर जाट प्रत्याशी की रणनीति कामयाब रही।
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भाजपा ने अपने गढ़ जीटी बेल्ट व अहीरवाल को जहां और मजबूत किया है, वहीं कांग्रेस के दुर्ग देशवाली व जजपा की धरती में बांगर में सेंध लगाई है। जीटी बेल्ट की 23 सीटों में से भाजपा ने 14 और अहीरवाल की 11 सीटों में से 10 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। जाटलैंड में भाजपा की गैर जाट प्रत्याशी की रणनीति कामयाब रही। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने दुर्ग मेवात को तो बचा पाई लेकिन ब्रज में उसे नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि बागड़ में प्रदर्शन पिछली बार से बेहतर रहा है। भाजपा के गढ़ मानी जाने वाली जीटी बेल्ट और अहीरवाल में भाजपा पहले के मुकाबले और मजबूत हुई।
मेवात-बृज : मेवात, फरीदाबाद, पलवल
- कुल 12 सीटें : 4 पर उलटफेर, आठ सीटों पर नतीजा पुराना ही
मेवात में कांग्रेस ने तीनों सीटों पर फिर से परचम लहराया है, जबकि बृज में भाजपा ने जलवा बरकार रखा। पिछली बार सात सीटों पर भाजपा जीती थी। इस बार एक सीट भाजपा ने खो दी, जबकि कांग्रेस को दो सीटों का फायदा हुआ है। कांग्रेस को दो सीटों का फायदा हुआ है। नूंह, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका सीट को कांग्रेस व पलवल, होडल, तिगांव, बड़खल व बल्लभगढ़ सीट इस बार भी भाजपा के पास ही हैं। पिछली बार हथीन व फरीदाबाद शहरी सीट भाजपा के पास थी, जबकि इस बार कांग्रेस के पास है। फरीदाबाद एनआईटी में पिछली बार कांग्रेस के विधायक बने नीरज शर्मा को हार का सामना करना पड़ा है। पृथवा में भी कांग्रेस जीती है। पिछली बार यहां निर्दलीय नयनपाल ने बाजी मारी थी।
अहीरवाल : रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम
- कुल 13 सीटें : भाजपा ने एक सीट गंवाई, दो पर बढ़त बनाई
अहीरवाल ने इस बार लोगों ने एकतरफा भाजपा को मत दिया है। यह क्षेत्र पहले से भाजपा का गढ़ रहा है और इस बार यहां कुल 11 सीटों में से 10 सीटें भाजपा के कब्जे में आई हैं, जबकि कांग्रेस केवल यहां एक सीट ही जीत पाई। पिछली बार यहां से भाजपा के पास 8 सीटें थी और कांग्रेस के पास 2 और एक निर्दलीय विधायक बना था। अग्निवीर समेत पानी का कोई मुद्दा यहां काम नहीं कर पाया। इस बेल्ट की सात सीटों कोसली, बावल, अटेली, नारनौल, गुरुग्राम, पटौदी, सोहना पर भाजपा का ही कब्जा है। रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ सीट भाजपा ने कांग्रेस से छीन ली। वहीं इसके बदले में भाजपा को नांगल चौधरी सीट कांग्रेस को देनी पड़ी। बादशाहपुर में पिछली बार निर्दलीय जीता था। इस बार भाजपा का कब्जा है।
देशवाली : रोहतक, सोनीपत, झज्जर
- कुल 14 सीटें : हुड्डा के गढ़ को भेदा, कांग्रेस की सीटें घटी
हुड्डा के गढ़ देशवाली (जाटलैंड) में भाजपा सेंध लगाने में कामयाब रही। 2019 में कांग्रेस यहां कुल 14 सीटों में से 11 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था, लेकिन भाजपा ने रणनीति के तहत यहां चुनाव लड़ा और पहले से दोगुणा अधिक सीटें जीती। गन्नौर से भाजपा के बागी देेवेंद्र कादियान और बहादुरगढ़ से कांग्रेस के बागी राजेश जून एकतरफा जीते हैं। रोहतक, गढ़ी सांपला किलोई, कलानौर, बेरी, बरौदा, झज्जर व बादली सीट इस बार भी कांग्रेस के पास ही हैं, जबकि महम सीट कांग्रेस ने अपने खाते में जोड़ी है। पिछली बार वहां निर्दलीय जीते थे। इसके बदले में सोनीपत, गोहाना व खरखौदा सीट से कांग्रेस को हाथ धोना पड़ा। राई सीट भी भाजपा ने बचा ली और गन्नौर भाजपा के बागी के पास ही है।
बांगर : जींद, कैथल, हिसार, फतेहाबाद
- कुल 14 सीटें : जजपा एक भी सीट नहीं बचा पाई
बांगर बेल्ट पिछली बार जजपा का गढ़ था, लेकिन इस गढ़ को भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे भेद लिया। भाजपा पिछली बार यहां 14 में से 4 सीटों पर थी, लेकिन इस बार यहां 7 सीटों पर कब्जा जमाया है। इसी प्रकार, पिछली बार 1 सीट पर रही कांग्रेस यहां सात सीटों पर जीती है। पूरी बेल्ट में मुख्य मुकाबला दोनों का ही रहा है। जींद के जाट बाहुल इलाकों में भाजपा के गैर जाट चेहरों ने जीत का परचम फहराया है। जींद, हांसी सीट इस बार भी भाजपा के पास है। उचाना कलां, नरवाना, सफीदो, पुंडरी व बरवाला सीट भाजपा ने अपने खाते में नई जोड़ी है।। दूसरी ओर, जुलाना, टोहाना, कैथल, कलायत, गुहला चीका, उकलाना व नारनौंद में कांग्रेस इस बार जीत का स्वाद चख पाई।
बागड़ : सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी
- कुल 16 सीटें : भाजपा के गढ़ में कांग्रेस की सेंध, इनेलो उभरी
भाजपा के गढ़ बागड़ी में इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हैं। यहां कांग्रेस ने भाजपा के गढ़ में सेंध लगाई है। पिछली बार तीन सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने इस बार 7 सीटों पर कब्जा जमाया है। परंपरागत गढ़ में इनेलो जरूर अभय चौटाला को हार के बावजूद यहां से दो सीटें जीतने में कामयाब रही है। कांग्रेस ने भजनलाल के गढ़ के साथ साथ हलोपा के मुखिया गोपाल कांडा का गढ़ भी कांग्रेस ने भेद लिया है। इस बार इस बेल्ट की सिरसा, ऐलनाबाद, कालांवाली, आदमपुर, फतेहाबाद, लोहारू व रतिया सीट कांग्रेस के पास है। डबवाली व रानियां में इनेलो ने धाक जमाई, जबकि हिसार से निर्दलीय उम्मीदवार सावित्री जिंदल जीतीं हैं।
जीटी : जीटी रोड से सटे 6 जिले
- 23 सीटें : कांग्रेस को टक्कर दो सीटें बढ़ा गढ़ मजबूत किया
पिछले दस साल यह भाजपा का गढ़ भी रही है। इस बार भाजपा ने अपने गढ़ को न केवल मजबूत किया है। हर सीट पर कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी है। 2019 में भाजपा की यहां 12 सीटें थी, लेकिन इस बार 2 सीटों में बढ़ोतरी करते हुए 14 सीटों पर कमल खिला है। भाजपा ने इस पूरी बेलट में निर्दलीयों, इनेलोे और आप का सफाया कर दिया है। रादौर, पानीपत, पानीपत, समालखा, इसराना, यमुनानगर, असंध, नीलोखेड़ी, घरौंडा, इंद्री, करनाल, लाडवा, कालका व अंबाला कैंट में भाजपा का कब्जा है। जगाधरी, साढौरा, शाहाबाद, पिहोवा, नारायणगढ़, थानेसर, मुलाना, पंचकूला व अंबाला सिटी में इस बार कांग्रेस बढ़त में रही।