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हरियाणा: खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटें, एक सीट पर भाजपा-जजपा और एक पर कांग्रेस का दावा
Fri, 13 May 2022 12:38 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 13 May 2022 12:38 PM IST
सार
कांग्रेस में सबसे बड़ा नाम पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा का है, इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान सुरजेवाला सरीखे बड़े नेताओं को राज्यसभा भेज सकती है।
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सीएम मनोहर लाल
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा में खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटों के लिए भाजपा-जजपा सरकार और विपक्षी दल कांग्रेस में कड़ी टक्कर होगी। विधायक संख्या के अनुसार एक सीट पर सत्तारूढ़ दलों और दूसरी पर कांग्रेस का दावा मजबूत है। सत्ता पक्ष, विपक्षी विधायकों में सेंधमारी कर कांग्रेस का चुनावी गणित बिगाड़ना चाहेगा। कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है, ऐसे में कुछ भी संभव है।
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भाजपा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम और बड़े उलटफेर के बीच भाजपा के समर्थन से सांसद बने सुभाष चंद्रा का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। खाली होने जा रही इन सीटों पर 10 जून को चुनाव होगा। भाजपा-जजपा और कांग्रेस से राज्यसभा जाने के लिए अनेक नेता लाइन में हैं। कांग्रेस में सबसे बड़ा नाम पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा का है, इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान सुरजेवाला सरीखे बड़े नेताओं को राज्यसभा भेज सकती है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा भी अपने गुट के किसी नेता को राज्यसभा भेजने से चूकना नहीं चाहेंगे। कांग्रेस की अंतर्कलह जगजाहिर है, ऐसे में किसी एक प्रत्याशी पर सर्वसम्मति न बनने पर भितरघात भी हो सकता है। भाजपा-जजपा इसका पूरा मौका उठाना चाहेंगी।
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सुभाष चंद्रा की तरफ से जून 2016 में लड़े गए राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर हो चुका है। भाजपा के समर्थन से सुभाष निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे। विधायकों की संख्या के गणित के हिसाब से यह सीट कांग्रेस-इनेलो समर्थित प्रत्याशी आरके आनंद के खाते में जानी थी, लेकिन मतदान के समय कुछ कांग्रेस विधायकों के पेन की स्याही अलग होने से वोट रद्द कर दिए गए थे, जिससे चंद्रा की लॉटरी लग गई। भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व शहरी निकाय मंत्री कविता जैन, पूर्व उद्योग मंत्री विपुल गोयल, पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा व प्रदेश प्रवक्ता सुदेश कटारिया के नाम चर्चा में हैं। जजपा अपने कोटे से डॉ. अजय चौटाला का नाम आगे बढ़ा सकती है। इस समय विधानसभा में भाजपा के 40, कांग्रेस के 31 और जजपा के 10, सात निर्दलीय, एक हलोपा और एक इनेलो विधायक है।
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