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पंजाब CM आवास के सामने किसानों का धरना: हार्ट अटैक से गई एक अन्नदाता की जान, पहले भी हो चुकी एक मौत
Fri, 21 Oct 2022 08:04 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 21 Oct 2022 08:04 PM IST
सार
किसान यूनियन के प्रदेश प्रेस सचिव जगतार सिंह कालाझाड़ ने मौत के लिए मान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि याद पत्र की मांगों समेत छह दिन पहले शहीद किसान के वारिसों को मुआवजे के संबंध में मुख्यमंत्री ने चुप्पी साध ली है।
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धरने पर बैठीं महिला किसान व मृतक किसान की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पंजाब के संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के सामने किसानों का पक्का मोर्चा चल रहा है। 13वें दिन यहां एक और किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। किसानों ने कहा कि प्रदेश सरकार मौत की जिम्मेदार है। मृतक किसान करनैल सिंह पास के गांव अकोई साहिब के रहने वाले थे जो कई दिन से पक्के मोर्चे में शामिल थे।
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स्टेज की शुरुआत पंडाल में खड़े होकर दो मिनट का मौन रख की गई। इस दौरान मृतक किसान को श्रद्धांजलि भेंट की गई। बता दें कि इससे पहले मोर्चे में शामिल एक किसान की सांप के काटने से मौत हो चुकी है। किसान यूनियन के प्रदेश प्रेस सचिव जगतार सिंह कालाझाड़ ने मौत के लिए मान सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि याद पत्र की मांगों समेत छह दिन पहले शहीद किसान के वारिसों को मुआवजे के संबंध में मुख्यमंत्री ने चुप्पी साध ली है। किसानों ने मांग पत्र में पंजाब के हिस्से में आने वाले नदियों के पानी के इस्तेमाल के बारे में रोडमैप तैयार इसे किसानों को देने की मांग की। इसके नाममात्र इस्तेमाल के बारे में 27 जुलाई को लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के विवरण सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
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वहीं फिरोजपुर के जीरा के नजदीक प्रदूषण का गढ़ बनी शराब फैक्टरी का प्रदूषण रोकने के बारे में जत्थेबंदी के साथ बनी सहमति के मुताबिक इस फैक्टरी को तुरंत बंद करने की अपील की। पेयजल की आपूर्ति के निजीकरण के बारे में पंजाब की पहली सरकारों की ओर से विश्व बैंक के साथ समझौते रद्द करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने की किसानों ने मांग की।