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वित्तीय संकट के स्थाई समाधान की कोशिशें तेज, वीसी ने मांगे सुझाव
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Mar 2017 09:29 AM IST
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- फोटो : File Photo
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वित्तीय संकट से जूझती पंजाब यूनिवर्सिटी को 140 करोड़ रुपये की इमरजेंसी ग्रांट मिलने से थोड़ी राहत तो जरूर मिली है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन बने रहने वाली नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का खर्च इतना ज्यादा है कि बजट हर साल कम पड़ता है। ऐसे में स्थाई समाधान निकालने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं।
पीयू वाइस चांसलर प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने सभी डिपार्टमेंट्स के एचओडी से वित्तीय संसाधन बढ़ाने पर सुझाव मांगे हैं। फीस बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया जा चुका है। फीस में एकमुश्त बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी है। फीस बढ़ोत्तरी का छात्र संगठन विरोध भी कर रहे हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी में स्थित दुकानों के किराये बढ़ाए जाने का भी सुझाव है। हालांकि इससे ज्यादा धनराशि नहीं जुटेगी। लेकिन पीयू प्रशासन छोटी से छोटी चीजों का ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा है।
पीयू में हर साल घाटे का बजट पास होता है। पंजाब स्केल होने के कारण यहां सैलरी सबसे ज्यादा है। सैलरी में ही बजट का बड़ा हिस्सा चला जाता है। खुद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 140 करोड़ रुपये जारी करते समय आय के संसाधन बढ़ाने की हिदायत दे चुके हैं। बजट संबंधी दिक्कतों को लेकर वीसी ने कुछ दिन पहले सभी एचओडी के साथ मीटिंग भी की थी।
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पीयू वाइस चांसलर प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने सभी डिपार्टमेंट्स के एचओडी से वित्तीय संसाधन बढ़ाने पर सुझाव मांगे हैं। फीस बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया जा चुका है। फीस में एकमुश्त बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी है। फीस बढ़ोत्तरी का छात्र संगठन विरोध भी कर रहे हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी में स्थित दुकानों के किराये बढ़ाए जाने का भी सुझाव है। हालांकि इससे ज्यादा धनराशि नहीं जुटेगी। लेकिन पीयू प्रशासन छोटी से छोटी चीजों का ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा है।
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पीयू में हर साल घाटे का बजट पास होता है। पंजाब स्केल होने के कारण यहां सैलरी सबसे ज्यादा है। सैलरी में ही बजट का बड़ा हिस्सा चला जाता है। खुद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 140 करोड़ रुपये जारी करते समय आय के संसाधन बढ़ाने की हिदायत दे चुके हैं। बजट संबंधी दिक्कतों को लेकर वीसी ने कुछ दिन पहले सभी एचओडी के साथ मीटिंग भी की थी।
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पंजाब की नई सरकार से भी आस
पंजाब की नई सरकार से भी आस
पंजाब में चुनकर आई कांग्रेस सरकार से भी पीयू प्रशासन बजट की आस लगाए बैठा है। बादल सरकार स्टेट कोटे का पूरा बजट पीयू को उपलब्ध नहीं करवा रही थी। इसके लिए कई बार पंजाब के मुख्यमंत्री को लिखा जा चुका था। साथ ही हर साल बजट कोटे में बढ़ोतरी भी नियमों अनुसार नहीं हो रही थी।
नई सरकार बनने के बाद पीयू प्रशासन अपनी मांगों से सरकार को अवगत करवाएगा। वहीं दूसरी ओर पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल का प्रतिनिधिमंडल भी पंजाब के मुख्यमंत्री से मिलकर बजट जारी करने की मांग करेगा। पीयूसीएससी प्रेसिडेंट निशांत कौशल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल छात्र संघ चुनाव में जीतने के बाद कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने गए थे। जिस पर उन्होंने सरकार आने के बाद दिक्कतें हल करवाने का भरोसा दिया था।
पंजाब में चुनकर आई कांग्रेस सरकार से भी पीयू प्रशासन बजट की आस लगाए बैठा है। बादल सरकार स्टेट कोटे का पूरा बजट पीयू को उपलब्ध नहीं करवा रही थी। इसके लिए कई बार पंजाब के मुख्यमंत्री को लिखा जा चुका था। साथ ही हर साल बजट कोटे में बढ़ोतरी भी नियमों अनुसार नहीं हो रही थी।
नई सरकार बनने के बाद पीयू प्रशासन अपनी मांगों से सरकार को अवगत करवाएगा। वहीं दूसरी ओर पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल का प्रतिनिधिमंडल भी पंजाब के मुख्यमंत्री से मिलकर बजट जारी करने की मांग करेगा। पीयूसीएससी प्रेसिडेंट निशांत कौशल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल छात्र संघ चुनाव में जीतने के बाद कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने गए थे। जिस पर उन्होंने सरकार आने के बाद दिक्कतें हल करवाने का भरोसा दिया था।