उपचुनाव में भाजपा के हाल से हिली यहां की सियासत
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देश के विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजे में भाजपा के गिरे ग्राफ से हरियाणा की सियासत में खलबली मच गई है। उपचुनाव के परिणाम के बाद मोदी लहर पर सवार भाजपाई सकते में हैं, वहीं विपक्ष को एक नया मुद्दा मिल गया है। हालांकि भाजपा नेताओं का मानना है कि इसका हरियाणा विधानसभा चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कैश कराने की तैयारी में विरोधी
हरियाणा विधानसभा चुनाव इसीलिए भी भाजपा की चिंता का विषय है, क्योंकि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहला ऐसा चुनाव है जिसे विपक्ष मोदी की अग्निपरीक्षा के तौर पर देख रहा है। हालांकि यह चुनाव मोदी के अलावा अन्य नेताओं की भी अग्निपरीक्षा है जो मोदी से भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलवाने का वादा करके आए हैं।
उधर, हरियाणा की सत्ता पर दस साल से नजरे गड़ाए बैठे इनेलो और वर्तमान कांग्रेस सरकार के नेताओं का उपचुनाव के इन नतीजों से हौसला बढ़ गया है। हरियाणा में इनेलो मोदी की लहर के बावजूद लोकसभा की दो सीटें ले गई थी। जबकि कांग्रेस इन उपचुनाव के नतीजों को अपने हक में कैश करवाने प्रयास में है।
अच्छे दिन की पोल खुली
रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दस राज्यों में लोकसभा की तीन और विधानसभा की 33 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा को आइना दिखा दिया है। इन राज्यों की जनता ने भाजपा के नारे ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ का करारा जवाब देते हुए जनमत भाजपा के खिलाफ दिया है।
इससे स्पष्ट हो गया है कि अब भाजपा के अच्छे दिन लाने के नारे की पोल खुल गई है और जनता ने भाजपा व मोदी को सिरे से नकार दिया है। दीपेंद्र ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने लोगों को गुमराह करके वोट हासिल किए थे।
लोगों को कहा था कि महंगाई खत्म की जाएगी, बेरोजगारी दूर होगी और विकास किया जाएगा। सौ दिनों की मोदी सरकार अपने किसी भी वायदे को पूरा नहीं कर पाई।
उपचुनाव का असर हरियाणा पर नहीं
हरियाणा चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक उपचुनाव में मुद़दे अलग होते हैं। उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। जबकि आम चुनाव विचारधारा पर लड़े जाते हैं।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय नेतृत्व के चेहरे का असर होगा। केंद्र में भाजपा सरकार की परफारमेंस बहुत बढ़िया है। हम हरियाणा की जनता को भी ऐसा शासन देंगे।
तीन माह में भाजपा की लोकप्रियता गिरी
अशोक तंवर ने इसे देश के राजनीतिक इतिहास में पहली घटना बताया है। जब कोई सरकार तीन महीने के दौरान ही अलोकप्रिय हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और बिहार से शुरू हुआ बीजेपी विरोध आज पूरे देश में जनअभियान बन चुका है।
लोकसभा चुनाव से पहले अच्छे दिन आने की बात करने वाली पार्टी ने देश की जनता का बुरे दिनों से सामना करा दिया है। केंद्र की बीजेपी सरकार पहले तीन महीनों के दौरान ही हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
मोदी फैक्टर की निकली हवा
इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा के मोदी फैक्टर की पूरी तरह से हवा निकाल दी है। उन्होंने कहा कि नतीजे से साफ संकेत है कि हरियाणा में भी इनेलो की सरकार बनेगी।
चौटाला ने कहा कि देश के संसदीय चुनावों में भाजपा को इसलिए सफलता मिली कि प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी बनाम राहुल गांधी के बीच ही मुकाबला था। जिसमें से देश की जनता ने मोदी को चुना।
ऐसे में भाजपा को वहम हो गया था कि मोदी के नाम का सहारा लेकर वह उपचुनावों में जीत हासिल करेगी मगर इन उपचुनावों में भाजपा को अपना असली जनाधार नजर आ गया है।
इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा ने कुल 43 में से 17 सीटें ऐसे उम्मीदवारों को दे दी जो कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हैं और उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े केस चल रहे हैं।
जीत के जश्न के साथ मनाएंगे दीवाली
भाजपा हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी जीत निश्चित मान रही है। प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की जनता और भगवान का आशीर्वाद रहा तो दीपावली का त्योहार जीत के जश्न के साथ मनाएंगे।
यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि आने वाला समय ईमानदार और स्वच्छ छवि के लोगों का होगा। जिसमें आम जनमानस को उनके हकों से वंचित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में क्षेत्रवाद व भेदभाव की राजनीति हावी है।
अति उत्साह का नतीजा सामने आया
देश का चुनाव का कांग्रेस के खिलाफ था। इनेलो शुरू से कहते आ रहा है कि देश के मुद्दे, राज्यों के मुद्दों से अलग रहते हैं। हरियाणा में विधानसभा का चुनाव है और यहां तो इनेलो ने ही हमेशा राज्यों के मुद्दों की लड़ाई लड़ते हुए जनता के लिए संघर्ष किया है। इसीलिए हरियाणा में भी भाजपा के अति उत्साह का नतीजा भी जल्द सामने आ जाएगा। इस बार प्रदेश में इनेलो की ही सरकार बनेगी।