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पंजाब यूनिवर्सिटीः छेड़छाड़ के मामले से सुरक्षा पर उठे सवाल, होगी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
Wed, 18 Dec 2019 04:05 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 04:05 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
- फोटो : डेमो फोटो
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पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की पत्नी से छेड़छाड़ के मामले के बाद मंगलवार को कैंपस की सुरक्षा को लेकर मीटिंग की गई। इसमें यूनिवर्सिटी के सेक्टर-14 और सेक्टर-25 के संवेदनशील एरिया की पहचान के लिए कमेटी को जिम्मेदारियां सौंपी गई। इस मौके पर यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी के चीफ और रजिस्ट्रार समेत अन्य प्रोफेसर्स भी शामिल रहे। कुछ दिन पहले पीयू के बॉटेनिकल गार्डन में एक प्रोफसर की पत्नी के साथ अज्ञात की ओर से की गई छेड़छाड़ के बाद यूनिवर्सिटी में महिलाओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे।
इस मामले में पीयू कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने को लेकर लगातार मीटिंग की जा रही हैं। मंगलवार को पीयू के सिक्योरिटी चीफ डॉ. अश्विनी कौल के नेतृत्व में मीटिंग की गई। जिसमें कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई। पीयू रजिस्ट्रार करमजीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-14 और सेक्टर-25 के संवेदनशील क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा। इसकी पहचान कमेटी मेंबर करेंगे। सर्वे के नतीजों के बाद सुरक्षा व्यवस्था के दूरगामी परिणाम निकाले जाएंगे।
प्रोफसर की पत्नी से छेड़छाड़ के बाद पीयू में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। पिछले हफ्ते पीयू प्रशासन ने बॉटेनिकल गार्डन में टहलने की समय सीमा तय कर दी। बॉटनी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन की ओर से जारी पब्लिक नोटिस में बताया गया कि बॉटेनिकल गार्डन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुलेगा। हालांकि इन आदेशों को लेकर भी पीयू प्रशासन पूरी तरह से घिर गया था।
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मेन गेट, विभागों और हॉस्टलों में तैनात हों महिला गार्ड
पीयू की छात्राओं ने बताया कि पीयू के मेन गेट, विभागों और हॉस्टलों में कोई महिला गार्ड नहीं हैं। यहां तक कि यूनिवर्सिटी के तीनों गेटों पर भी सिक्योरिटी गार्ड में सिर्फ पुरूष ही हैं। कोई महिला गार्ड तैनात नहीं की गई है। कैंपस ही नहीं बल्कि हॉस्टलों में भी महिला गार्ड की कमी है। हॉस्टल में सिर्फ रिसेप्शन काउंटर पर महिला बैठती है।
गार्ड की ड्यूटी में ज्यादातर पुरूष ही हैं। अगर कोई घटना होती है तो गार्ड स्टूडेंट यूनियन के महिला प्रतिनिधियों को मदद के लिए बुलाते हैं या फिर महिला पुलिस को बुलाना पड़ता है। पीयू प्रशासन को चाहिए कि कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा को दुरूस्त करने के लिए सिक्योरिटी में महिलाओं की संख्या को बढ़ाया जाए।
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इस मामले में पीयू कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने को लेकर लगातार मीटिंग की जा रही हैं। मंगलवार को पीयू के सिक्योरिटी चीफ डॉ. अश्विनी कौल के नेतृत्व में मीटिंग की गई। जिसमें कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई। पीयू रजिस्ट्रार करमजीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-14 और सेक्टर-25 के संवेदनशील क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा। इसकी पहचान कमेटी मेंबर करेंगे। सर्वे के नतीजों के बाद सुरक्षा व्यवस्था के दूरगामी परिणाम निकाले जाएंगे।
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प्रोफसर की पत्नी से छेड़छाड़ के बाद पीयू में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। पिछले हफ्ते पीयू प्रशासन ने बॉटेनिकल गार्डन में टहलने की समय सीमा तय कर दी। बॉटनी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन की ओर से जारी पब्लिक नोटिस में बताया गया कि बॉटेनिकल गार्डन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुलेगा। हालांकि इन आदेशों को लेकर भी पीयू प्रशासन पूरी तरह से घिर गया था।
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मेन गेट, विभागों और हॉस्टलों में तैनात हों महिला गार्ड
पीयू की छात्राओं ने बताया कि पीयू के मेन गेट, विभागों और हॉस्टलों में कोई महिला गार्ड नहीं हैं। यहां तक कि यूनिवर्सिटी के तीनों गेटों पर भी सिक्योरिटी गार्ड में सिर्फ पुरूष ही हैं। कोई महिला गार्ड तैनात नहीं की गई है। कैंपस ही नहीं बल्कि हॉस्टलों में भी महिला गार्ड की कमी है। हॉस्टल में सिर्फ रिसेप्शन काउंटर पर महिला बैठती है।
गार्ड की ड्यूटी में ज्यादातर पुरूष ही हैं। अगर कोई घटना होती है तो गार्ड स्टूडेंट यूनियन के महिला प्रतिनिधियों को मदद के लिए बुलाते हैं या फिर महिला पुलिस को बुलाना पड़ता है। पीयू प्रशासन को चाहिए कि कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा को दुरूस्त करने के लिए सिक्योरिटी में महिलाओं की संख्या को बढ़ाया जाए।