पीयू के 40 से अधिक शिक्षकों का प्रमोशन, वेतन बढ़ाने को लेकर अभी भी असमंजस
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पीयू के 40 से अधिक शिक्षक प्रमोशन के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर्स एसोसिएट प्रोफेसर बन गए हैं, लेकिन इन्हें बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिल पा रहा है। यह तय ही नहीं हो पा रहा है कि इन्हें प्रमोशन के बाद बढ़ा वेतन दिया जाएगा या नहीं। इसको लेकर असमंजस की स्थिति है। लगातार हो रही देरी के कारण शिक्षकों में आक्रोश है। वह कभी भी आंदोलनात्मक कदम उठा सकते हैं।
यूजीसी ने पिछले साल प्रमोशन की नई गाइड लाइन जारी की थी। तीन चरणों की पूर्ति करने वाले शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ दिया जाना चाहिए था। इसके तहत 40 से अधिक शिक्षकों से आवेदन करवाए गए और उनके साक्षात्कार करवाए गए। उसी बीच नियम आड़े आ गए। कहा गया कि नई गाइड लाइन के मुताबिक शिक्षकों के प्रमोशन होंगे।
साथ ही उन शिक्षकों को भी प्रमोशन का लाभ दिया जाना था, जिनके प्रोजेक्ट एक या सवा साल तक पूरे हो जाएं। इस नियम से तमाम शिक्षकों को नुकसान हो रहा था, लेकिन पीयू ने बीच का रास्ता निकालकर शिक्षकों को अब प्रमोशन का लाभ दे दिया लेकिन यह कह दिया कि इन शिक्षकों को आवेदन दोबारा करने होंगे, जो नई गाइड लाइन को फोलो करेंगे।
शिक्षकों का कहना है कि जब प्रमोशन दे दिया तो आवेदन दोबारा करवाने की जरूरत कहां महसूस हो रही है? अगर शिक्षक दोबारा आवेदन करेंगे भी तो उसका स्थान बताया जाए, लेकिन यह स्थिति अब तक साफ नहीं की गई। शिक्षक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई बताने को तैयार नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि प्रमोशन दे दिया गया है तो उसके साथ बढ़ा वेतन भी दिया जाए। यह कार्य भी अब तक पीयू प्रशासन नहीं कर पाया है। शिक्षक इसको लेकर आक्रोशित हैं।
कैंसिल नहीं होगा प्रमोशन
यूजीसी की नई गाइड लाइन के बाद जिन शिक्षकों को प्रमोशन पुरानी गाइड लाइन से दे दिया गया है उनके प्रमोशन कैंसिल नहीं होंगे, क्योंकि यूजीसी ने साफ कहा है कि शॉर्टली यानी एक या सवा साल में जो शिक्षक अपने प्रोजेक्ट पूरे कर देंगे, उन्हें भी यह लाभ दे दिया जाए। इससे शिक्षकों को राहत मिली है। 50 से अधिक शिक्षक खुशी मना रहे हैं अन्यथा इनके प्रमोशन दोबारा किए जाने की बात सामने आ रही थी।