फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ED raided 14 places in Haryana in connection with VAT Scam

Haryana: करोड़ों के वैट घोटाले में 14 जगह ईडी के छापे, तीन पूर्व अफसरों समेत कई कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश

Wed, 10 Jul 2024 08:58 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 10 Jul 2024 08:58 AM IST
सार

हरियाणा में वैट घोटाला 2012 के आसपास सामने आया था। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने 2012 से लेकर 2020 तक अलग-अलग स्थानों पर कई एफआईआर दर्ज की। अकेले सिरसा में 35 से ज्यादा एफआईआर हुई थी।

विज्ञापन
ED raided 14 places in Haryana in connection with VAT Scam
ED - फोटो : ANI

विस्तार

फर्जी फर्म बनाकर जाली सी फार्म के जरिये करोड़ों रुपये का वैट रिफंड लेकर सरकार के खजाने में चपत लगाने के मामले में ईडी ने मंगलवार को हरियाणा में 14 स्थानों पर छापे मारे। छापे का मुख्य केंद्र सिरसा रहा। 
विज्ञापन


सिरसा के गिरोह ने ही आसपास के जिलों में कई फर्जी कंपनियां बनाई थी। इस शहर में सात जगह छापे मारे। एजेंसी ने सेवानिवृत्त डीटीसी जीसी चौधरी, पूर्व ईटीओ अशोक सुखीजा व नरेंद्र रंगा के आवास पर भी तलाशी ली। यह वैट घोटाला 10 हजार 618 करोड़ का है। अकेले गुरुग्राम में एक हजार करोड़ के फार्म सी जारी किए गए थे। इस घोटाले के तार पड़ोसी राज्य दिल्ली, राजस्थान, गुजरात तक जुड़े रहे हैं। ईडी की जांच अभी जारी है।
विज्ञापन


सिरसा में ईडी की सात से ज्यादा टीमों ने पदम बंसल, महेश बंसल, वीरेंद्र गुप्ता और फतेहाबाद के रमेश अरोड़ा के ठिकानों पर मारे गए। टीम सुबह 6 बजे पहुंची और शाम तक दस्तावेज की जांच में जुटी थी। हरियाणा में वैट घोटाला 2012 के आसपास सामने आया था। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने 2012 से लेकर 2020 तक अलग-अलग स्थानों पर कई एफआईआर दर्ज की। अकेले सिरसा में 35 से ज्यादा एफआईआर हुई थी। पूरे राज्य से 30 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए। गिरफ्तार आरोपियों में आबकारी विभाग के रिटायर्ड अधिकारी सुखीजा और चौधरी भी शामिल थे। ईडी की एक टीम ने मंगलवार को सेक्टर-19 में स्थित आरोपी पूर्व ईटीओ अशोक सुखीजा के निवास पर पहुंचकर जांच की।
विज्ञापन
विज्ञापन


मनी लॉन्ड्रिंग के शक में ईडी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। ईडी ने अपनी जांच में पाया कि अमित बंसल, हरीश, कमल बंसल, मोनिल बंसल, महेश बंसल, पदम बंसल और ऋषि गुप्ता नाम ने सिंडिकेट बनाकर माल की आवाजाही किए बिना कर योग्य वस्तुओं की झूठी अंतरराज्यीय बिक्री का दावा करने के लिए विभिन्न फर्मों को शामिल किया गया था। बिक्री का दावा सी फार्म के खिलाफ कर की रियायती दर पर करके झूठे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया था।
इनमें से अधिकांश फर्म इन सिंडिकेट व्यक्तियों के स्वामित्व वाले परिसरों में पंजीकृत और संचालित पाई गई। उक्त फर्मों के लिए जमानत/गारंटी भी सिंडिकेट सदस्यों ने आपस में दिखाई। साथ ही कर योग्य वस्तुएं जिसमें सिगरेट, तंबाकू उत्पाद, सीमेंट, टाइल्स राजस्थान और दिल्ली की फर्मों को दिखाए गए हैं। शातिरों ने फर्जी फर्मों को बिना किसी माल की आवाजाही के अंतरराज्यीय बिक्री दिखाई और जाली सी फार्म आबकारी और कराधान विभाग को प्रस्तुत कर करोड़ों रुपये का जीएसटी रिफंड लिया। ईडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच में अभी एक दो दिन और लगेंगे। पूरी जांच होने के बाद इसकी विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। नियमों के अनुसार, हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के बाहर माल की बिक्री के खिलाफ फॉर्म सी जारी किया जाता है। एक व्यापारी या व्यावसायिक इकाई इसका उपयोग करके रिफंड प्राप्त कर सकती है। यह आरोप लगाया गया कि व्यापारियों ने फर्जी बिक्री बिल बनाए, जिससे राज्य के खजाने को नुकसान हुआ।

ऐसे खुला था मामला
इस मामले का खुलासा कैथल निवासी शिकायतकर्ता रघुवीर सिंह ने किया था। उन्होंने बताया कि उन्हें वर्ष 2007 में जानकारी मिली कि आबकारी एवं कराधान विभाग में बड़े स्तर पर घोटाला हो रहा है। इसके बाद उन्होंने शिकायत दी थी। उनकी शिकायत पर 2011 के बाद तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 2016 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस गया। मामले में उन्हें कई बार मुख्यमंत्री आवास पर तो बुलाया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला, कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि सिरसा में 300 करोड़ रुपये का घोटाला था। इसके साथ कई अन्य जिलों में भी वैट घोटाला किया गया। कैथल में भी 18 करोड़ घोटाले का अंदेशा है। आरोप है कि प्रदेशभर में करीब 10 हजार 618 करोड़ रुपये का वैट घोटाला किया गया है। मंगलवार को भी केस में सुनवाई थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि सिरसा में नौ जगह पर ईडी ने दबिश दी है। इसके साथ ही कैथल में भी ईडी की टीम जांच करने के लिए पहुंची है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में 66 अधिकारी आरोपी हैं। रघुवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी तत्कालीन ईटीओ अशोक सुखीजा ने मामले में बर्खास्त होने के बावजूद उनके कार्यालय के सहायकों के माध्यम से बोगस बिलिंग की। इसके बावजूद सरकार कुछ नहीं कर पाई। उन्होंने शिकायत देने के शुरुआत में ही ईडी या सीबीआई से जांच करवाने की मांग की, लेकिन उस समय जांच नहीं की गई।

हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
आबकारी कराधान विभाग के ईटीओ चाप सिंह की शिकायत पर 24 अक्टूबर 2020 को विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत सिरसा शहर थाने में फर्जी फर्मों के सरगनाओं के साथ मिलकर विभाग को लाखों का चूना लगाने का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोप है कि मुख्य आरोपी महेश बंसल ने आबकारी कराधान विभाग के तत्कालीन डीटीसी गोपीचंद चौधरी और ईटीओ अशोक सुखीजा के साथ मिलकर हरियाणा तथा राजस्थान में सिगरेट का फर्जी कारोबार दिखाकर सरकार को करीब 30 लाख रुपये का चूना लगाया था। मामले की जांच किए जाने के बाद संबंधित अधिकारी भी दोषी पाए
गए थे। एसआईटी ने 30 मई 2023 को गोपीचंद चौधरी व अशोक सुखीजा को गिरफ्तार किया था। बाद में सुखीजा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी।

ईडी की टीम देख पत्नी की बिगड़ी तबियत
अचानक सुबह ईडी की टीम देख आरोपी और उनके परिजन घबरा गए। सुरक्षा के लिए ईडी के साथ सीआरपीएफ के जवान भी थे। ईडी की एक टीम ने पद्म बंसल के घर पर छापा मारा। उस दौरान उनका परिवार व अन्य लोग घर पर ही थे। टीम ने दस्तावेज जांचने शुरू किए। यह देखकर बंसल की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें घबराहट होने लगी। हालांकि रेड के दौरान न तो किसी को घर के अंदर जाने दिया और न ही बाहर आने दिया, लेकिन जब बंसल की पत्नी की तबीयत खराब हुई तो तुरंत एक निजी अस्पताल में लेकर गए। प्राथमिक उपचार के बाद पदम की पत्नी को फिर से घर लाया गया। टीम ने आरोपियों के अनाजमंडी स्थित प्रतिष्ठान, जनता भवन रोड, अग्रसेन कॉलोनी, नंदन वाटिका, एचएसवीपी सेक्टर सिरसा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी छापा मारा। ज्ञात रहे कि पद्म बंसल, महेश बंसल व रमेश अरोड़ा पर फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगाने का आरोप है। इस मामले में पिछले साल महेश बंसल व रमेश अरोड़ा पर केस भी दर्ज हो चुका है और वे जेल भी जा चुके हैं।


किराएदार को भी बाहर नहीं जाने दिया
फतेहाबाद। शहर के शिव नगर में मंगलवार सुबह करीब 6 बजे सिरसा के व्यापारी रमेश अरोड़ा के घर ईडी की टीम ने छापा मारा। टीम की ये कार्रवाई शाम सात बजे तक चलती रही। सुबह पंजाब नंबर की दो गाड़ियों में ईडी के अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। टीम का नेतृत्व वेंकटेश अय्यर ने किया। बताया जा रहा है कि टीम जब पहुंची तो रमेश अरोडा, उनकी पत्नी और बेटी घर में मौजूद थे। घर की पहली मंजिल पर किरायेदार भी मौजूद था, लेकिन उन्हें भी बाहर नहीं आने दिया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed