ड्रग तस्करी में मंत्री मजीठिया को ईडी का नोटिस
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ड्रग रैकेट मामले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा आगामी 26 दिसंबर को तलब किए जाने के नोटिस से प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख इख्तियार करते हुए मजीठिया के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है। विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले उठा यह मुद्दा अब सदन में भी सरकार की चिंता बढ़ा सकता है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा और प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने मजीठिया को बर्खास्त किए जाने की मांग करते हुए कहा है कि कुछ समय पहले ड्रग रैकेट में कैबिनेट मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर के बेटे का नाम आने पर उनसे इस्तीफा ले लिया गया था। अब ईडी ने मजीठिया को सम्मन भेजा है तो मजीठिया भी इस्तीफा देकर जांच एजेंसी के सामने पेश हों।
केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप
कांग्रेस प्रधान बाजवा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी बादल परिवार ने जांच रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन ईडी ने मजीठिया को सम्मन जारी कर ही दिया।
बाजवा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें मजीठिया के साथ नरमी बरत रही हैं। जब तक वह मंत्री रहते हैं, किसी स्वतंत्र जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में कमीशन बना कर आरोपों की जांच करवानी चाहिए। फिर मामला सीबीआई के हवाले करना चाहिए। क्योंकि इसके सात आरोपी विदेशों से भी जुड़े हैं।
रैकेट में शामिल सतप्रीत सिंह सत्ता, परमिंदर सिंह पिंदी और अमरिंदर सिंह लाडी कनाडावासी हैं। इसलिए सीबीआई जांच जरूरी है, क्योंकि वही विदेशी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों का सहयोग लेने को नोडल एजेंसी है।
भोला ने लिया था मजीठिया का नाम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की है कि ड्रग रैकेट की जांच सीबीआई से कराई जाए क्योंकि इसमें ताकतवर लोगों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ईडी का अधिकार क्षेत्र ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिग एक्ट’ के उल्लंघन से संबंधित है, जबकि मजीठिया पर ड्रग रैकेट में संरक्षण देने का आरोप है। इस तरह उन पर एनडीपीएस एक्ट लागू होता है।
अरबों के ड्रग रैकेट के प्रमुख आरोपी जगदीश भोला ने कुछ महीने पहले पेशी के दौरान बिक्रम मजीठिया का नाम लेकर सनसनी फैला दी थी। कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैरा का कहना है कि उस समय सीएम, डिप्टी सीएम और डीजीपी तुरंत मजीठिया के बचाव में आ गए थे।
बाद में सीएम बादल यही कहते रहे कि मजीठिया के खिलाफ कोई सबूत पेश करो तो कार्रवाई करेंगे। एक आरोपी के बयान पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। अब ईडी के समन के बाद बादल, मजीठिया पर कार्रवाई से भाग नहीं सकते।
यहां भी बाजवा के खिलाफ दिखे कैप्टन
एक तरफ प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने ड्रग रैकेट की सीबीआई जांच की मांग दोहराई है। वहीं, उनके विरोधी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर इसे गलत ठहराया है। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि बिक्रम मजीठिया को ईडी के समन से उनका पक्ष सही साबित हुआ है।
वह लगातार कहते आ रहे हैं इस मामले में सिर्फ पंजाब पुलिस ही एकमात्र जांच एजेंसी नहीं है बल्कि रेवेन्यू इंटेलिजेंस और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट भी जांच में शामिल हैं।
कुछ लोग इस स्टेज पर केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। जब पंजाब पुलिस व अन्य एजेंसियां पहले से अपना काम कर रही हैं, तो सीबीआई को जांच सौंपने से देरी होगी, जांच प्रभावित होगी। कैप्टन का कहना है कि आरोपियों को समन भेजने में ही साल लग जाएंगे।