पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के भतीजे विजय सिंगला की 90 लाख की 'रिश्वत' अटैच
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सांसद किरण खेर के ट्विटर हैंडल से रेलगेट का जिक्र करने पर चुनाव आयोग के उन्हें नोटिस भेजने के बाद अब पवन कुमार बंसल के लिए भी परेशानियां खड़ी होती नजर आ रही हैं। साल 2013 में तत्कालीन रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के भतीजे विजय सिंगला के सेक्टर-28 स्थित ऑफिस से सीबीआई ने छापेमारी कर 89.68 लाख रुपये बरामद किए थे।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी), दिल्ली ने जांच के बाद उक्त राशि को अटैच किया है। ईडी ने यह कार्रवाई साल 2013 में पवन कुमार बंसल के रेलमंत्री रहते समय उजागर हुए रेल घूसखोरी कांड के संदर्भ में मनी लॉंड्रिंग एक्ट 2002 के तहत की है। इस मामले में सीबीआई द्वारा आईपीसी-120,बी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 7,8 व 12 के तहत दर्ज एफआईआर और फाइल चार्जशीट के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई की है।
सीबीआई ने इस मामले में महेश कुमार मेंबर(स्टाफ), रेलवे बोर्ड, विजय सिंगला, संदीप गोयल और 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। प्रवर्तन निदेशालय मामले की आगामी जांच में जुटा है।
निकाले जा रहे कई सियासी मायने
इस मामले में पवन बंसल के भतीजे विजय सिंगला के ऑफिस से बरामद राशि को चुनाव से ठीक पहले ईडी द्वारा अटैच करने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। वह भी सांसद किरण खेर के अपने फेसबुक और ट्विटर हैंडल से रेलगेट के जिक्र पर चुनाव आयोग के उन्हें नोटिस भेजने के बाद 2013 के रेल घोटाले के बाद चुनाव से पहले ईडी के एक्शन पर हर कोई इसे सियासी फायदे और नुकसान से जोड़कर देख रहा है।
मामले में भाजपा और कांग्रेस के अपने अपने तर्क हैं। भाजपा से उम्मीदवार किरण खेर ने कहा कि जिस किसी ने जो किया था, उन्हें भुगतना तो पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी चुनाव जीत पर ईवीएम की बात नहीं करते लेकिन हारने पर ईवीएम में गड़बड़ी की बात कहते हैं।
ईडी की रेड पर वेंडैटा पॉलिटिक्स की बात करते हैं लेकिन गलतियां करने पर यह नहीं कहते कि हम गलत हैं। जो रंगे हाथ पकड़े गए थे, मुझे लगाता है कि यह पूरा मामला उसी से संबंधित है। रंगे हाथ पकड़े जाने के बावजूद विभिन्न दलीलें देकर मामले को मोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेल घोटाले में भतीजे का नाम उनके साथ ही संबंधित था।
यह था मामला
1975 बैच के अधिकारी महेश कुमार, रेलवे सर्विस में सिग्नल इंजीनियर वर्ष 2013 में वेस्टर्न रेलवे में जनरल मैनेजर कार्यरत थे। लेकिन वह मेंबर (स्टाफ) के बजाय मेंबर (इलेक्ट्रिकल) रेलवे बोर्ड नियुक्ति चाहते थे। इसके लिए वह एन. मंजूनाथ के संपर्क में आए। एन. मंजूनाथ तत्कालीन रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के भतीजे विजय सिंगला के दोस्त संदीप गोयल से संपर्क किया।
आरोप हैं कि विजय सिंगला ने महेश गोयल की मेंबर(इलेक्ट्रिक्ल) की नियुक्ति के लिए संदीप गोयल के जरिए एन. मंजूनाथ से 10 करोड़ रुपये की डिमांड की। विजय गोयल और संदीप गोयल को टोकन राशि दिए जाने के दौरान सीबीआई टीम ने विजय सिंगला के सेक्टर-28 स्थित ऑफिस में छापेमारी कर 89 लाख 68 हजार रुपये बरामद किए थे। उस दौरान पवन कुमार बंसल रेलमंत्री थे और आरोप हैं कि उनका भांजा विजय सिंगला 89.68 लाख रुपये समेत रंगे हाथ पकड़ा गया था।
महेश कुमार की मेंबर (इलेक्ट्रिकल) रेलवे बोर्ड की नियुक्ति के लिए विभिन्न मैन्यूफेक्चरर्स/कॉंट्रेक्टर्स ने अपने फायदे के लिए रिश्वत की रकम का बंदोबस्त किया था। रिश्वत की पहली किश्त 89.68 लाख रुपये थी। इस रकम का बंदोबस्त एन. मंजूनाथ, एम.वी. मुरली कृष्णा, सुशील डागा और एमएस वेंकटेश्वरा रेल निर्माण प्रा. लि. ने किया था।
इनमें से 50 लाख रुपये मंजूनाथ ने, 25 लाख रुपये एम.वी. मुरली कृष्णा ने, 5 लाख रुपये सुशील डागा ने और 10 लाख रुपये एमएस वेंकटेश्वरा रेल निर्माण प्रा. लि. के जरिए राहुल यादव और सुशील डागा ने किया था। यह राशि विभिन्न कंपनियों, व्यक्तिगत और हवाला एजेंट्स के जरिए होकर आई थी। अंत में दिल्ली में 89.60 लाख रुपये कैश का बंदोबस्त हुआ। यह रकम दिल्ली के सुशील डागा और राहुल यादव के कर्मचारियों के जरिए चंडीगढ़ के सेक्टर-28 स्थित विजय सिंगला के ऑफिस पहुंची। यहां सीबीआई टीम ने उन्हें काबू कर लिया था।
खेर चुनाव हार रही हैं, इसलिए ईडी का सहारा ले रहीं : पवन बंसल
ईडी की ओर से पवन कुमार बंसल के भतीजे की प्रापर्टी अटैच करने की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी किरण खेर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद बंसल और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपा की हार निश्चित है, इसलिए बौखला कर जनता के सामने गलत प्रचार कर रही है।
बंसल ने कहा कि जब वे रेलमंत्री थे तो सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनसे लगातार आठ घंटे से अधिक समय तक सीबीआई ने पूछताछ की, लेकिन उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला। इसके उलट उन्हें गवाह बना दिया गया। उनके खिलाफ कोई मामला भी दर्ज नहीं हुआ। यदि इस मामले में उनका कुछ लेना-देना होता तो भाजपा की सरकार उन्हें छोड़ती नहीं।
जबसे उन्हें लोकसभा का टिकट मिला है तो तबसे भाजपा उन पर गलत आरोप लगा रही है। दरअसल, भाजपा उम्मीदवार किरण खेर चुनाव हार रही हैं, इसलिए वे ईडी का सहारा ले रही हैं। वे किसी भी आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने किरण खेर को बहस के लिए चुनौती भी दी। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि भाजपा गंदी राजनीति के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हार के डर और ऊपर से अमित शाह की रैली के फ्लॉप होने से भाजपा अपना संतुलन खो गई है।
ईडी की कार्रवाई की टाइमिंग पर उठे सवाल
बंसल के भतीजे की प्रापर्टी अटैच करने की कार्रवाई की टाइमिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेसियों का कहना है कि चंडीगढ़ के चुनाव में कांग्रेस अच्छा परफॉर्म कर रही है। इससे बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल रही है। पूर्व मेयर सुभाष चावला ने कहा कि उनकी पार्टी को अंदेशा हो गया था कि एक दो दिन के भीतर पार्टी प्रत्याशी पर कुछ मनगढ़त आरोप लग सकते हैं। लेकिन जनता और पार्टी बीजेपी के इन हथकंडों से डरने वाली नहीं है। यह जगजाहिर है कि देश की स्वतंत्र जांच एजेंसियां किस तरह से बीजेपी के प्रभाव में काम करती हैं।