Eco Tour Bus: चंडीगढ़ में दौड़ेगी इको टूर बस, लोगों को कराएगी वन क्षेत्र-पार्कों की सैर, राज्य स्तरीय बोर्ड की बैठक में फैसला
परियोजना के लिए आवश्यक वन्यजीव मंजूरी जारी करने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पिछले कई महीनों से ये परियोजना लटकी हुई है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इस परियोजना के डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है लेकिन अभी एनवायरमेंट क्लीयरेंस का बोर्ड इंतजार कर रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने सोमवार को वन्यजीवों पर बनाई गई राज्य स्तरीय बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। इसमें फैसला लिया गया कि शहर में इको टूर बस सेवा शुरू की जाएगी। इसका टिकट लेकर लोग शहर के सभी वन क्षेत्रों व पार्कों की सैर कर सकेंगे। यह बस लोगों को बटरफ्लाई पार्क, मयूर पार्क, बोटैनिकल गार्डन, पीकॉक पार्क, सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी आदि जगह घुमाएगी।
बैठक की शुरुआत में प्रशासन के मुख्य वन संरक्षक देवेंद्र दलाई ने चंडीगढ़ के वन और वन्य जीवों को लेकर प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में बीते कुछ साल में लगातार हरियाली बढ़ रही है। इसके अलावा उन्होंने वन विभाग की तरफ से किए जा रहे प्रयासों को लेकर भी जानकारी दी। प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने शहर को हरा-भरा रखने के लिए वन विभाग के कार्यों की सराहना की। इसके बाद विभिन्न एजेंडों पर चर्चा शुरू हुई।
आईटी पार्क में आवास परियोजना के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। फैसला लिया गया कि परियोजना के लिए आवश्यक वन्यजीव मंजूरी जारी करने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पिछले कई महीनों से ये परियोजना लटकी हुई है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इस परियोजना के डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है लेकिन अभी एनवायरमेंट क्लीयरेंस का बोर्ड इंतजार कर रहा है। मामले को जल्द हल कराने के लिए ही इसे वन्यजीवों पर बनाई गई राज्य स्तरीय बोर्ड में उठाया गया। बैठक में यूटी प्रशासन के अधिकारियों के अलावा, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के प्रतिनिधि, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, भारतीय जूलॉजिकल सर्वेक्षण, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, वन्यजीव विशेषज्ञ आदि उपस्थित रहे।
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में प्रशासन उठाएगा इको सेंसिटिव जोन का मुद्दा
बोर्ड ने मामूली परमिट शुल्क के भुगतान पर लोगों को सुखना वाइल्ड सेंचुरी में जाने के लिए ऑनलाइन परमिट जारी करने का भी फैसला लिया। बैठक में इको सेंसिटिव जोन का मुद्दा भी उठा। इस एजेंडे पर बोर्ड की तरफ से कहा गया कि मुद्दे को हल कराने के लिए उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की बैठक में पंजाब और हरियाणा के समझ इसे रखा जाएगा।
बीते दिनों चंडीगढ़ प्रशासन ने दोनों राज्य सरकारों के साथ मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज को पत्र लिखा था और कहा था कि वह अपने क्षेत्र में पड़ने वाले सुखना के एरिया को ईको सेंसेटिव जोन घोषित करें। दरअसल, चंडीगढ़ की तरफ के एरिया में केंद्र सरकार ने 2017 में ही जोन घोषित कर दिया था लेकिन सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की बाउंड्री का करीब 90 फीसदी एरिया पंजाब और हरियाणा में पड़ता है इसलिए इन राज्यों के एरिया में आते हिस्से में भी इको सेंसेटिव जोन जल्द से जल्द घोषित करना जरूरी है।