सनी देओल और मनीष तिवारी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जवाब देने के लिए 'सनी पाजी' के पास 10 दिन
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गुरदासपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता सनी देओल और श्री आनंदपुर साहिब सीट से सांसद बने कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है। दोनों के खिलाफ, चुनाव में तय सीमा से अधिक पैसा खर्च करने का आरोप लगा है और दोनों ही नवनिर्वाचित सांसदों को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं।
यह भी संकेत मिले हैं कि इन नोटिसों का जवाब मिलने के बाद चुनाव आयोग इन दोनों सांसदों का निर्वाचन रद्द करने जैसा कठोर फैसला भी ले सकता है।
पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, नियमानुसार चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अंदर अपने चुनाव खर्च का लिखित ब्योरा आयोग के पास जमा कराना होता है।
इस मामले में सनी देओल ने अब तक अपने चुनाव खर्च का ब्योरा आयोग को नहीं सौंपा है। पिछले महीने लोकसभा चुनाव के परिणाम 23 मई को घोषित हुए थे। फिलहाल सनी देओल के पास अपने खर्च का ब्योरा दाखिल करने के लिए अभी और दस दिन का समय है।
उधर, श्री आनंदपुर साहिब के नवनिर्वाचित सांसद मनीष तिवारी के खिलाफ उनके प्रतिद्वंद्वी अकाली दल के प्रत्याशी प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने चुनाव आयोग को शिकायत दी थी कि तिवारी ने चुनाव प्रचार में तय सीमा से ज्यादा पैसा खर्च किया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय का कहना है कि चंदूमाजरा की शिकायत पर मनीष तिवारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है और अगले हफ्ते इस मामले में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
इस संबंध में मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ एस करुणा राजू का कहना है कि जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा अभी नोटिस ही जारी किए गए हैं, इसलिए किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटिस के जवाब मिलने के बाद इन मामलों की आगे जांच होगी और अगर कोई नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो आयोग उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधि एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करेगा।