पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में भूकंप के तेज झटके, घरों व दफ्तरों से बाहर निकले लोग
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भूकंप के दो झटकों से शुक्रवार रात पूरी चंडीगढ़ और पंजाब-हरियाणा की धरती हिल गई। पहला झटका रात 10.31 बजे आया। लोग भूकंप आने की बात कर ही रहे थे कि दो मिनट बाद दूसरा झटका और तेजी से आया। भूकंप की तीव्रता से घबराकर कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की खबर फैलते ही लोग अपने परिचितों हालचाल जानने में जुट गए। पूरे हरियाणा और पंजाब में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमृतसर समेत कई शहरों में लोग घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई है। इसका केंद्र ताजिकिस्तान बताया जा रहा है। हालांकि देर रात तक कहीं से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई। चंडीगढ़ में पहले भी भूकंप की तीव्रता महसूस होती रही है लेकिन शुक्रवार रात आए झटके काफी तेज थे। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले इतने तेज झटके महसूस नहीं किए थे।
झटके थमने के बाद कई लोग देर तक अपने घर के अंदर नहीं गए। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक मैसेज भी वायरल हो गया जिसमें बताया गया कि रात में एक बार और भूकंप आ सकता है। इसकी जांच के लिए लोगों ने अमर उजाला दफ्तर में फोन भी किया। उन्हें बताया गया कि वे इस तरह की अफवाहों से बचें। ऐसा कुछ भी नहीं है। सेक्टर-41 सी निवासी रवि आर्य ने बताया कि भूकंप के झटकों से इलाके के लोग दहशत में आ गए।
संवेदनशील है चंडीगढ़ और उसके आसपास का इलाका
भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारियों के आधार पर पूरे भारत को पांच भूकंपीय जोन में बांटा है। इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक जोन 5 है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 9 तीव्रता का भूकंप आ सकता है। चंडीगढ़ और इसके आसपास के इलाके को भूवैज्ञानिकों ने जोन 4 में रखा है। इस क्षेत्र में 7.9 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है, जिससे व्यापक तौर पर जनहानि संभव है।
कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञ ने बताया है खतरा
कुछ साल पहले कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर डॉ. जावेद मलिक ने अपने एक शोध पेपर में बताया था कि चंडीगढ़ सिस्मिक रिस्क जोन में आता है। चंडीगढ़ के नजदीक एक एक्टिव फाल्ट गुजर रही है, जो कई साल पहले आए भूकंप का साक्ष्य है। घग्गर नदी के दाहिने किनारे पर चंडीगढ़ के आसपास उत्तर-पश्चिमी हिमालयी तलहटी क्षेत्र में सक्रिय फॉल्ट निशान हैं। यह इस बात की भी संभावना बताते हैं कि भविष्य में उच्च तीव्रता के भूकंप की संभावना बहुत अधिक है।
भूकंप का केंद्र कहां पर है, इसका पता लगने के बाद ही डेटा विश्लेषण हो पाएगा। भूकंप का असर चंडीगढ़ और आसपास के इलाके में रहा है। कोई भी भूकंप यदि धरती के नीचे 10 किमी तक का है तो वो ज्यादा खतरनाक होता है। चंडीगढ़ भी संवेदनशील है, इसलिए लोग जागरूक रहें। - डॉ महेश ठाकुर, भूगर्भ विज्ञानी, पंजाब विश्वविद्यालय।
No reports of any damage so far in Amritsar or other parts of Punjab following the earthquake. Top officials of
Punjab Police & local administration are keeping a close watch on the situation: Punjab CM Captain Amarinder Singh pic.twitter.com/zqgBBBWvsg
— ANI (@ANI) February 12, 2021
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि भूकंप के बाद अमृतसर या पंजाब के अन्य हिस्सों में अब तक किसी भी नुकसान की कोई खबर नहीं है। राज्य के शीर्ष अधिकारी, पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थित पर नजर बनाए हुए है।