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Haryana: ई टेंडरिंग रहेगी जारी, सरपंचों की शक्ति सशर्त 2 लाख से 5 लाख बढ़ाई, CM बोले- यह अंतिम फैसला

Thu, 16 Mar 2023 01:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 16 Mar 2023 01:30 AM IST
सार

सरकार ने सरपंचों की कुल 16 मांगों में से 6 मान ली हैं। मुख्यमंत्री ने सरपंचों को साधने के लिए उनका मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार और पंचों का मानदेय एक हजार से बढ़ाकर 1600 रुपये करने की घोषणा की। नया मानदेय एक अप्रैल से लागू होगा। साथ ही इसे सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ते के साथ जोड़ने की बात कही।

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E tendering system will continue in Panchayats of Haryana
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा में चल रहे सरपंचों के आंदोलन के बीच हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया है कि ग्राम पंचायतों ई-टेंडरिंग जारी रहेगी। नौ मार्च को हुई बैठक में सरपंचों की शक्ति दो लाख रुपये बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की पेशकश पर ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंतिम मुहर लगा दी है। फैसले के तहत सरपंच साल में केवल पांच बार ही पांच-पांच लाख रुपये तक के विकास कार्य बिना ई-टेंडरिंग के कोटेशन से करा सकेंगे। बड़ी पंचायतें एक वित्तीय वर्ष में कुल 25 लाख रुपये तक की राशि के या राज्य वित्त आयोग के कुल अनुदान राशि के 50 प्रतिशत तक जो भी कम हो के कार्य कोटेशन पर करा सकेंगी।

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बुधवार को हरियाणा निवास में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-टेंडरिंग को लेकर यह सरकार का अंतिम फैसला है। साथ ही ग्राम पंचायतों में राइट टू रीकॉल जारी रहेगा। ई-टेंडरिंग में कोई कठिनाई आएगी तो उसे दूर किया जाएगा। सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि विकास कार्य हरियाणा शेड्यूल रेट और डीसी रेट के अनुसार किए जाते हैं, अगर कोई सरपंच डीसी रेट से कम पर कार्य करवाना चाहता है तो उसकी सूचना खंड एवं विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर चस्पा करनी होगी। हालांकि नौ मार्च को भी सरपंचों ने इसे मानने से इन्कार कर दिया था और अब भी फैसला मानने को तैयार नहीं हैं। सरंपच एसोसिएशन के राज्य प्रधान रणबीर सिंह का कहना है कि 17 मार्च को इसके विरोध में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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सरपंचों की 16 में से 6 मांगें मानीं, बढ़ाया मानदेय
सरकार ने सरपंचों की कुल 16 मांगों में से 6 मान ली हैं। मुख्यमंत्री ने सरपंचों को साधने के लिए उनका मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार और पंचों का मानदेय एक हजार से बढ़ाकर 1600 रुपये करने की घोषणा की। नया मानदेय एक अप्रैल से लागू होगा। साथ ही इसे सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ते के साथ जोड़ने की बात कही। वहीं, भविष्य में सरपंच ग्राम सचिव की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में अपनी टिप्पणी दर्ज कर सकेंगे।
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सरपंचों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
बिजली बिलों पर दो प्रतिशत टैक्स ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा। एक अप्रैल तक पिछला बकाया भी पंचायतों को मिलेगा। वहीं, स्टांप ड्यूटी की एक प्रतिशत राशि भी दी जाएगी और भविष्य में हर माह इसका भुगतान होगा। ई-टेंडरिंग से करवाए जाने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी कर्मचारी जिम्मेदार होंगे। वहीं, कोटेशन के माध्यम से होने वाले कार्यों के लिए सरपंच जिम्मेदार होंगे।

सीएम के फैसले

  • ग्राम पंचायतों में राइट टू रीकॉल जारी रहेगा
  • सरपंचों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार और पंचों का एक हजार से 1600 रुपये किया
  • ग्राम सचिव की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में टिप्पणी लिखने का अधिकार सरपंचों को दिया
  • खेत खलिहानों में चार करम से कम चौड़े रास्ते जिला परिषद पक्के कराएगी
  • राज्य कृषि विपणन बोर्ड की सड़कों की मरम्मत भी जिला परिषद को सौंपी
  • घर-घर कूड़ा उठाकर निस्तारित करने और स्ट्रीट लाइट लगवाने का काम भी जिला परिषद को मिला
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